गंज बासोदा में प्रदर्शन करते हुए हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता।
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स्कूल प्रबंधन का पुलिस-प्रशासन पर आरोप
घटना के बाद स्कूल प्रबंधक ब्रदर एंटोनी ने कहा कि स्कूल के घेराव की सूचना पुलिस और प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। जिस समय पथराव हुआ, उस समय स्कूल में 12वीं के बच्चों की परीक्षा चल रही थी। करीब 14 बच्चे परीक्षा दे रहे थे, वे स्कूल में ही थे। तोड़फोड़ से बच्चे डर गए। स्कूल का स्टॉफ भी स्कूल में ही था। प्रशासन को पहले से जानकारी होने के बाद भी तोड़फोड़ हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है।
उनका कहना है कि स्कूल को लेकर एक पत्र प्रसारित किया जा रहा है। इसमें लिखा है कि स्कूल में आठ हिंदू छात्रों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया गया। ये छात्र हमारे स्कूल के नहीं हैं। जो पत्र प्रसारित किया जा रहा है, वह 31 अक्टूबर रविवार का है। रविवार को स्कूल में कोई नहीं होता है। पत्र देखने के बाद मैंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, इसके बाद भी सिर्फ दो पुलिसवालों को स्कूल की सुरक्षा में तैनात किया गया।
सेंट जोसेफ स्कूल में तोड़फोड़ करते प्रदर्शनकारी। पुलिस ने इस दौरान घटना की वीडियोग्राफी भी की।
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