मध्यप्रदेश में किसानों को निर्वस्त्र करके कथित रूप से पिटाई करने के आरोप में प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एक पुलिसकर्मी का ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रामप्रसाद चौधरी का तबादला कर दिया गया है जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है।
हालांकि, राज्य सरकार के इस कदम से विपक्ष संतुष्ट नहीं है। विपक्ष जिला कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। बता दें कि मामला सामने आने के बाद राज्य गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि 6 अक्तूबर को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से यह मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस पर किसानों की पिटाई करने और फिर उन्हें निर्वस्त्र करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एनएचआरसी ने मध्यप्रदेश सरकार को इस मामले में नोटिस जारी किया था।
नोटिस में चीफ सेक्ट्रेटरी और पुलिस डीजी दोनों से अगले चार हफ्तों में जवाब मांगा गया है। मामला मीडिया में आने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। छत्तरपुर रेंज के डीआईजी, केसी जैन ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया।