मध्य प्रदेश सरकार में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा कि अगले हफ्ते तक इंदौर-भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। वहीं, राज्य शासन में शहरी विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह एक प्रयोग है। अगर अच्छे परिणाम आए तो अन्य शहरों में भी कमिश्नर प्रणाली लागू हो सकती है। अगर परिणाम अच्छे नहीं रहे तो यह प्रणाली वापस ले ली जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से आईएएस एसोसिएशन से जुड़े वर्तमान और पूर्व अफसरों ने भी कमिश्नर प्रणाली का विरोध किया है। सोशल मीडिया पर कुछ पूर्व अफसरों के आर्टिकल वायरल किए जा रहे हैं। उसमें प्रशासनिक अधिकारियों के मजिस्ट्रियल अधिकारों को पुलिस को दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया जा रहा है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तमिलनाडु और महाराष्ट्र के दौरे से लौटने पर एसोसिएशन के पदाधिकारी उनसे मुलाकात कर कमिश्नर प्रणाली का विरोध करने वाले हैं।
दो दशक से अटकी थी कमिश्नर प्रणाली
पिछले दो दशक में कई मर्तबा इंदौर-भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात की गई है। हर बार आईएएस और आईपीएस अफसरों के बीच मतभेदों की वजह से फैसला टलता रहा। इस बार राज्य सरकार ने तय कर लिया है कि कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। पिछले रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद ही इसकी घोषणा की थी। बुधवार को गृहमंत्री ने भी साफ किया कि पांच-पांच नोटिफिकेशन जारी होंगे। इसके साथ ही अधिकारियों की पोस्टिंग भी होगी।