मध्य प्रदेश का वल्लभ भवन (भोपाल)
- फोटो : अमर उजाला
अगर कोई सरकारी कर्मचारी गुमशुदा या लापता है तो उसके परिजनों को सेवानिवृ्त्ति समेत अन्य लाभ मिल सकते हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित पुलिस थाने से पुलिस रिपोर्ट दिखानी होगी। यह लिखा होना चाहिए कि उक्त कर्मचारी को तलाशा गया, पर वह नहीं मिला है। इस आधार पर उसके परिजनों को वेतन, पेंशन समेत अन्य लाभ दिए जा सकेंगे।
इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने सभी विभागों, राजस्व मंडल अध्यक्ष, सभी संभाग आयुक्तों, विभागाध्यक्षों, सभी कलेक्टरों को केंद्र सरकार की अधिसूचना के बारे में बताया गया है। यह आदेश कहता है कि भारत सरकार के 19 अगस्त 1986 के परिपत्र में प्रावधान है कि लापता कर्मचारी/ पेंशनर के परिवार को संबंधित पुलिस थाने से रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने 25 जून 2013 को निर्देश दिया था कि कर्मचारी या पेंशनर या परिवार पेंशनर के गुमशुदा होने पर परिजन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद परिवार पेंशन, लंबित वेतन, लीव एनकैशमेंट, जनरल प्रोविडेंट फंड एवं अन्य लाभ प्राप्त करने हेतु संस्था प्रमुख से आवेदन कर सकते हैं। नियम यह है कि कर्मचारी के अंतिम 6 माह उस विभाग में बीतने चाहिए।