मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में 15 साल के इंतजार के बाद एक खदान से चार मजदूरों को 8.22 कैरेट का हीरा मिला है जिसका मूल्य लगभग 40 लाख रुपये बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सभी कच्चे हीरों की नीलामी से होने वाली आय सरकारी रॉयल्टी और करों की कटौती के बाद संबंधित मजदूरों को दी जाएगी।
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि रतनलाल प्रजापति और उनके सहयोगियों ने जिले के हीरापुर तपरिया इलाके में पट्टे पर दी गई जमीन से 8.22 कैरेट का हीरा निकाला और उसे हीरा कार्यालय में जमा कर दिया। उन्होंने कहा कि हीरे को अन्य रत्नों के साथ 21 सितंबर को नीलामी के लिए रखा जाएगा।
15 साल बाद चमकी मजदूरों की किस्मत
रत्नलाल प्रजापति के सहयोगियों में से एक रघुवीर प्रजापति ने सरकारी कार्यालय में कीमती पत्थर जमा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने हीरे खोजने की अपनी खोज में पिछले 15 साल विभिन्न खदानों में उत्खनन में बिताए हैं, लेकिन भाग्य उन पर पहली बार मुस्कुराया। उन्होंने कहा कि हमने पिछले 15 साल से अलग-अलग इलाकों में छोटी-छोटी खदानें लीज पर लीं, लेकिन एक भी हीरा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस साल, हम पिछले छह महीनों से हीरापुर तपरिया में एक पट्टे की जमीन पर खनन कर रहे हैं और 8.22 कैरेट वजन का हीरा पाकर सुखद अनुभव हुआ।
बच्चों की पढ़ाई में करेंगे इस धन का उपयोग
खनिक ने कहा कि वह और उसके साथी हीरे की नीलामी से प्राप्त धन का उपयोग अपने बच्चों को बेहतर जीवन और शिक्षा प्रदान करने के लिए करेंगे। वहीं अधिकारियों के मुताबिक, कच्चे हीरों की नीलामी से होने वाली आय संबंधित खनिकों को सरकारी रॉयल्टी और करों की कटौती के बाद दी जाएगी।
पन्ना जिले में कुल 12 लाख कैरेट के हीरे होने का अनुमान
अधिकारियों ने कहा कि राज्य की राजधानी भोपाल से 380 किलोमीटर दूर स्थित पन्ना जिले में कुल 12 लाख कैरेट के हीरे होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि मजदूरों को मिले नवीनतम कीमती पत्थर और 139 अन्य हीरों की नीलामी 21 सितंबर से शुरू होगी।