मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। परीक्षा के पहले दिन भिंड में जिला प्रशासन ने नकल रोकने के लिए ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों को नजर बंद किया। प्रशासन के तुगलकी फरमान से शिक्षकों में नाराजगी है।
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भिंड में थाने में हाजिरी लगाने पहुंचे शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। भिंड में नकल रोकने के लिए शिक्षकों को थाने में बैठाकर नजर बंद किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने घर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों को हर दिन परीक्षा अवधि तक थाने में हाजिर होने का तुगलकी फरमान जारी किया है। जिला प्रशासन के इस फरमान से शिक्षकों में रोष व्याप्त हैं। आज 12वीं के पेपर के पहले दिन शिक्षकों को डाइट में नजर बंद किया गया था। शिक्षकों का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
भिंड कलेक्टर के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को परीक्षा के दौरान पुलिस थाने में हाजिरी देने बुलाया जा रहा है। जारी आदेश में कहा गया है कि ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों को परीक्षा के समय थाने में बैठना होगा। बोर्ड परीक्षा के शुरू होने के पहले दिन मेहंगाव में शिक्षकों को थाने में बैठाया गया। वहीं, भिंड में प्रशासन ने शिक्षकों को थाने से डाइट परिसर में नज़र बंद कर दिया गया। शिक्षकों ने अपने साथ किए जा रहे व्यवहार को अपमानजनक बताया है। लेकिन मजबूर शिक्षकों को हर दिन सुबह 8 बजे थानों में हाजिरी लगाने जाना पड़ेगा। शिक्षकों ने विभाग के प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से इसका विरोध करने की भी बात कही है। जारी आदेश के अनुसार आगामी परीक्षा तिथियों में भी ये व्यवस्था यथावत रहेगी।
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छतरपुर में बोर्ड परीक्षा देते विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना गाइडलाइन के तहत विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
पूरे प्रदेश में कोरोना गाइडलाइन के तहत ऑफलाइन परीक्षाओं की व्यवस्था की गई है। छतरपुर जिले में बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिले में 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। गुरुवार को कक्षा 12वीं का पहला पेपर था। इस दौरान विद्यार्थी कोरोना गाइडलाइन का पालन कर परीक्षा देते हुए दिखे। परीक्षा केंद्रों में नकल रोकने के लिए प्रशासन ने उड़न दस्ते भी बनाए हैं, जो परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर नजर रख रहे हैं। परीक्षा केंद्रों में छात्र-छात्राओं को कोरोना गाइडलाइन के तहत दो गज की दूरी के हिसाब से बैठाया गया। विद्यार्थियों के हाथ धोने और सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
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बोर्ड परीक्षाओं के दौरान आइसोलेशन परीक्षा कक्ष बनाए गए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना संक्रमितों के लिए अलग कक्ष
छतरपुर समेत पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमित विद्यार्थियों के लिए अलग से कक्ष बनाया गया है। ताकि कोई संक्रमित छात्र या छात्रा परीक्षा देने से न चूके और दूसरों को संक्रमित किए बिना परीक्षा दे सके।
बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य रखी गई थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
18 लाख छात्र दे रहे परीक्षा
प्रदेश में इस साल 18 लाख छात्र-छात्राएं माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस बार 12वीं में 7 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा दे रहे हैं। इनके लिए 3 हजार 586 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 357 केंद्र अति संवेदनशील और 287 संवेदनशील केंद्र शामिल हैं। परीक्षा में कोरोना संक्रमित और इसके लक्षण वाले स्टूडेंट्स के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सभी सेंटरों पर आइसोलेशन रूम बनाए गए हैं। छतरपुर जिले में 52829 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। जिले से 10वीं कक्षा के 33 हजार 644 विद्यार्थी और 12वीं कक्षा के 19 हजार 185 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 12 मार्च तक होगी वहीं, 10 वीं की परीक्षा 18 फरवरी से 10 मार्च तक होगी। प्रदेश में पहली बार बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह में ली जा रही हैं।