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मध्यप्रदेश: 40 किलोमीटर की दूरी पर कोरोना खत्म...आसपास के शहरों में कोरोना विस्फोट लेकिन यहां सब सामान्य...!

Sun, 09 Jan 2022 01:05 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास

सार

मध्यप्रदेश में कोरोना के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कुछ किलोमीटर की दूरी पर कोरोना संक्रमण लगभग खत्म ही है या एकदम नगण्य है। प्रशासन के आंकड़े तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं। सच क्या है इसे लेकर चर्चा हो रही है। 
 
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सीएमएचओ कार्यालय, देवास (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में कोरोना के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कुछ किलोमीटर की दूरी पर कोरोना संक्रमण लगभग खत्म ही है या एकदम नगण्य है। प्रशासन के आंकड़े तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं। अब आंकड़ों में हेरफेर हो रहा है या सच में संक्रमण नहीं है इसे लेकर चर्चा हो रही है। 
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दरअसल बात हो रही है मध्यप्रदेश के देवास जिले की। यहां कोरोना के जो आंकड़े आ रहे हैं वे राहत कम दे रहे हैं और चौंका अधिक रहे हैं। राहत यह कि यहां मरीज मिल ही नहीं रहे और चौंकाने वाली बात ये कि जिन शहरों से देवास लगा हुआ है वहां कोरोना विस्फोट हो रहा है। ऐसे में देवास में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सुर्खियों में है और पुराने किस्सों के आधार पर कहा जा रहा है कि देवास में सब संभव है।

देवास से लगे इंदौर-उज्जैन में लगातार मिल रहे हैं मरीज
असल में देवास शहर इंदौर और उज्जैन के मध्य स्थित है। दोनों ही शहरों से देवास की दूरी 35 से 40 किलोमीटर है। इंदौर शहर में देवास से रोजाना अपडाउन करने वाले लोगों की संख्या भी हजारों में है वहीं उज्जैन और देवास के बीच भी सैकड़ों लोग रोज अपडाउन करते हैं। इंदौर में शनिवार को 621 कोरोना मरीज मिले हैं तो उज्जैन में करीब 63 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं लेकिन देवास में मात्र दो कोरोना मरीज मिले हैं। इसके पहले कुछ दिन तक तो देवास में आंकड़ा जीरो था। अब सवाल उठ रहा है कि देवास से लगे शहरों में जब बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं तो देवास में स्थिति एकदम सामान्य कैसे। इसे लेकर अब शहरभर में चर्चा हो रही है क्या सच में देवास में कोरोना नहीं आया अथवा जानबूझकर प्रशासन आंकड़े छिपा रहा है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इंदौर से लगे देवास में दूसरी लहर में स्थिति काफी बिगड़ी हुई थी। यहां के अस्पतालों में जगह नहीं थे तो ऑक्सीजन की कमी से कई लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में देवास में कोरोना मरीजों की संख्या कम या जीरो होना सवालों को जन्म दे रहा है।
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संघ पदाधिकारी से  की थी सीएमएचओ की शिकायत
देवास के सीएमएचओ डॉ. एमपी शर्मा की कार्यशैली शुरू से सुर्खियों में रही है। कोरोना की दूसरी लहर में तो उनके खिलाफ कई लोगों का गुस्सा फूटा था। आरोप ये भी लगे कि राजनीतिक संरक्षण के चलते वे पद पर काबिज तो हो गए लेकिन स्वास्थ्य विभाग का ढर्रा नहीं सुधार पा रहे। उनके खिलाफ भाजपा के एक कार्यकर्ता ने संघ पदाधिकारी से शिकायत भी की थी। खुद के परिजनों की कोरोना से मौत के बाद भाजपा कार्यकर्ता ने सीएमएचओ पर आरोप लगाए थे। कहा था कि जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिला और जब सीएमएचओ से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अभद्रता की। इसके बाद बात भोपाल तक पहुंची थी और सीएम तक मामला गया था लेकिन स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण के चलते सीएमएचओ का कुछ नहीं हुआ और वे देवास में टिके रहे। खबर तो यह भी है कि उनके ही विभाग के कुछ कर्मचारी उनकी कार्यशैली से खफा है। ऐसे में कोरोना के वर्तमान आंकड़ों को लेकर स्वास्थ्य विभाग निशाने पर है।
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