सागर जिले में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजना के काम में लेटलतीफी, सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टि के कम प्रतिशत और बिजली आपूर्ति को लेकर मिली शिकायतों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह सागर जिला प्रशासन के साथ वीसी के माध्यम से सरकारी योजनाओं और कामों की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में जल जीवन मिशन के काम के कम प्रतिशत का कारण पूछा। इस पर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि कुछ माह से काम में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने पीएचई विभाग के अधिकारियों से पूछा कि एकल जल योजनाओं में शिकायत क्यों मिल रही है। एकल जल योजनाओं कितनी है? जिन समूह जल योजना का काम चल रहा है वह समय पर चल रहा है या लेट है? कमिश्नर का योजनाओं को लेकर क्या ऑब्जर्वेशन है? सीएम ने पूछा कि रेस्टोरेशन का काम ठीक से हो रहा है। जो कार्य के बाद सड़क खोदते हैं वे समय पर रीस्टोर हो रही हैं या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों कार्यों के बारे में मै कह रहा हूं कि रेट्रोफिटिंग और नल जल योजनाओं में गड़बड़ बिल्कुल न हो। हर घर को पानी देने की ये योजना बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को समूह पेजयल योजना की गुणवत्ता को लेकर भी जानकारी मांगी। साथ ही कहा कि हम चिन्हित करें कि कैसे भूजल स्तर बढ़ाएं।
गड़बड़ करने वालों की सेवा समाप्त करों
सीएम हेल्पलाइन में आवास योजना ग्रामीण को लेकर शिकायत आई है। इसकी जांच करते हो या नहीं। उन्होंने कहा कि रोजगार सहायक जिसने भी गड़बड़ी की हो, उसकी सेवा समाप्त करो और जेल भेजा। जिन हितग्राहियों की राशि दूसरे खातों में पहुंची है। उन्हें राशि वापस दिलाने के लिए क्या कार्रवाई होगी। आप फिर से चेक करो। एक-एक शिकायत की जांच हो। इसमें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।
सीएम हेल्पलाइन का संतुष्टि का स्तर बढ़ाए
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूछा कि सीएम हेल्पलाइन में आप 12वें नंबर और बी ग्रेड में है। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टि का स्तर बढ़ाने को कहा। साथ ही बिजली आपूर्ति की शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि बार-बार बिजली जाना, वोल्टेज कम होने के क्या कारण है। अधिकारियों के बारिश और आंधी तूफान का कारण बताए। सीएम ने कहा कि यदि आप पूरा प्रयास कर रहे हैं और शिकायतें है तो व्यवस्था में खामी है। हम 24 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रहे हैं। जनता की संतुष्टि न हो तो क्या फायदा।