मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस की सरकार अपने कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजनीतिक प्रकरण वापस लेगी। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार में आंदोलन करने वाले कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों पर बड़ी संख्या में प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन्हें वापस लेने के लिए शीघ्र ही एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास भेजा जाएगा।
कांग्रेसियों के लिए कमलनाथ सरकार का यह नए साल का गिफ्ट है। विधि मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक रूप से दर्ज मुकदमों के बारे में वे शीघ्र ही अपने विभाग के प्रमुख सचिव के साथ बैठक कर एक प्रस्ताव तैयार करेंगे। यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले सरकारी कर्मचारियों के यूनियन लीडरों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों को भी वापस लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों पर दर्ज प्रकरणों को वापस लेने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा। सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही एक कानून भी बनाएगी। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी इसका वादा किया है।
विधि मंत्री शर्मा ने रेप में फांसी के कानून पर कहा कि महिला अपराधों पर लगाम लगाना कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता होगी। महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्लादों की भर्ती करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि चार दिन की माथापच्ची के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार रात अपने 28 मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण किया। शनिवार को मंत्रियों ने मंत्रालय पहुंचकर अपना कामकाज संभाला।