मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी में शुरू हुआ घमासान थमता नहीं दिख रहा है। मजबूरन पार्टी को अब कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 बागियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी ने ये कदम नाम वापसी के आखिरी दिन भी अपना नाम वापस नहीं लेने के बाद की।
नाम वापसी के बाद भी कई नेताओं ने पार्टी के निर्देश को मानने से इनकार कर दिया जिसके बाद भाजपा ने इन नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की चेतावनी के बावजूद कई नेताओं ने किसी दूसरी पार्टी या निर्दलीय के रूप में पर्चा भर दिया जिसके बाद करीब 50 नेताओं पर यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद ऐसे कई बागी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसमें सबसे बड़ा नाम रामकृष्ण कुसुमारिया का बताया जा रहा है जो दमोह और पथरिया से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ने पर अड़े हुए हैं। पार्टी लगातार इन्हें मनाने में जुटी हुई थी।
करीब 2900 उम्मीदवार मैदान में
प्रदेश में सभी 230 सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिले का काम 2 नवंबर को शुरू हुआ था, 9 नवंबर तक 4157 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। नाम वापसी के आखिरी दिन बुधवार को 556 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए और करीब 2900 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मध्यप्रदेश में सभी 230 सीटों पर 28 नवंबर को मतदान होगा और 11 दिसंबर को नतीजे आएंगे। भाजपा ने सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। शिवराज चौहान के नेतृत्व में भाजपा लगातार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की जुगलबंदी कांग्रेस को सत्ता दिलाने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं।