मध्यप्रदेश चुनावों पर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में राजनीति के दिग्गज जुटे। प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला ने अपने सहयोगी डीएनएन के साथ इस बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन किया। इस मंच पर मध्यप्रदेश की हर सियासी हलचल और मुद्दों पर बहस हुई और सवाल जवाब का दौर चला। 28 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले ये एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जनसरोकारों की बात हुई। तमाम दलों के दिग्गज नेताओं ने इसमें अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचाई। कार्यक्रम में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, वरिष्ठ नेता प्रभात झा, कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, शोभा ओझा, आचार्य प्रमोद कृष्णम जैसी शख्सियतों ने शिरकत की।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में चौथी बार भी सरकार बनाने जा रहे हैं। शिवराज ने उजाला फैलाया है। उन्होंने कहा कि मैं जब पीएम और अमित शाह जी को टीवी पर देखता हूं कि कुछ लोग इतनी मेहनत कर सकते हैं। मैं आज अनकही बात बताऊंगा। लोकसभा चुनाव के समय मीडिया सेंटर में अमित शाह जी दिन भर की भागदौड़ के बाद रात एक बजे दफ्तर आते थे। यहां चर्चा रात 3.30 तक चलती थी। हम युवाओं की आंखें भारी हो जाती थीं। हम सोचते थे ये कब सोएंगे, कब जागेंगे, लेकिन वह 3.30 बजे जाते थे। और सुबह देखो तो उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती थी। हम हैरान रह जाते थे।
राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कहा कि यह हिंदू धर्म का विषय है, राम मंदिर का विषय है। इस मुद्दे पर भाजपा का कोई कार्यकर्ता बैकफुट पर हो ही नहीं सकता। आजतक लोग मंच पर इस सवाल पर घबराते थे कि हम सेकुलर हैं, मंदिर पर सवाल मत पूछिएगा। लेकिन पहली बार देश में हर कोई मंदिर पर सवाल कर रहा है कि मंदिर कर बनाओगे। आज जनता ने भाजपा को इस मुकाम पर खड़ा किया है कि अधिकार से सवाल पूछ सके कि मंदिर कब बनाओगे ये बताओ। हमारी जो भी रणनीति है उसका खुलासा यहां नहीं करूंगा। ये रोम और राम की कहानी है, इसमें राम जीतेंगे रोम नहीं।
चर्चा में शामिल कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की समस्या, महिला सुरक्षा सहित कई मुद्दे हैं और हमने हर मुद्दे को प्रभावी तरीके से उठाया है। सीएम उम्मीदवार के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि हमारी जो बारात होती वह अरेंज होती है, यहां की जनता अरेंज के जरिए नेता चुनेगी। हमारे यहां ऐसा नहीं है कि दिल्ली नेता चुने और यहां थोप दिया जाए।
इस सवाल पर कि राहुल गांधी कहते हैं कि मैं कन्फ्यूज हो गया था, इसलिए छत्तीसगढ़ की जगह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम कह दिया था। इसके जवाब में प्रियंका ने कहा कि जहां पूरी सरकार ही स्कैम में लिप्त हो, हर जगह भ्रष्टाचार हो, तो कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। इनके लोगों ने पनामा पेपर पर नाम आने पर रात में कोर्ट खुलवाया। प्रदेश में व्यापम, रेत खनन, सिंचाई घोटाला, डंपर घोटाला जैसे भ्रष्टाचार पर ये लोग क्यों नहीं बोलते?