खुद को दूसरों से अलग बताने वाली भारतीय जनता पार्टी भी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की बात कहती है। मगर पार्टी की तरफ से शुक्रवार को जारी हुई उम्मीदवारों की पहली सूची में केवल 10 फीसदी महिलाओं को ही टिकट दिया गया।
सूची में 177 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं जिनमें केवल 16 महिलाएं शामिल हैं। टिकट पाने वाली महिलाओं में ज्यादातर वर्तमान में विधायक हैं।
भाजपा महिला मोर्चा ने 52 टिकट की मांग की थी। यह मांग महिलाओं के जीत के प्रतिशत के आधार पर की गई थी। साल 2013 में 28 में से 22 ( 79 फीसदी) महिला उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जीत हासिल करने वाली इन महिलाओं में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, माया सिंह, अर्चना चिटनीस, कुसुम महदेले और ललिता यादव के नाम शामिल थे।
पार्टी की तरफ से जारी पहली सूची में कुसुम महदेले और माया सिंह का नाम मौजूद नहीं है। सूत्रों के मुताबिक उनका टिकट काटा जा सकता है।
टिकट पाने वाली 16 महिलाओं में सरला रावत का नाम भी शामिल है। इन्हें सबलगढ़ से टिकट दिया गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के मेहरबान सिंह रावत ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को शिवपुरी से और ममता मीणा चाचौड़ा को दोबारा टिकट दिया गया है।
इसके अलावा चौहान सरकार में मंत्री ललिता यादव की विधानसभा सीट में बदलाव किया गया है। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने छतरपुर से जीत हासिल की थी। मगर इस बार उन्हें मलहरा से जबकि अर्चना सिंह को छतरपुर से टिकट दिया गया है।
इसी तरह मनीषा सिंह, मीना सिंह, प्रतिभा सिंह, नंदिनी मरावी और नीना वर्मा को दोबारा मौका दिया गया है। कांग्रेस के कब्जे वाली सीट बैहर से अनुपमा नीतम को और मनावर से मंत्री रंजना बघेल को टिकट दिया गया है।
हालांकि पार्टी का कहना है कि अभी 53 उम्मीदवारों के नाम घोषित होने बाकी हैं, उसमें महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व होगा।