मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित बयान दिया है।कमल पटेल के प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि '500 किसान यूनियनें 'कुकुरमुत्ता' की तरह सामने आ गई हैं। ये किसान यूनियन नहीं हैं, ये बिचौलियों और देश-विरोधी संगठनों से जुड़े लोग हैं। वे विदेशी ताकतों द्वारा वित्त पोषित हैं जो नहीं चाहते कि देश मजबूत हो।'
कृषि कानूनों के प्रति जन जागरुकता अभियान चलाएगी भाजपा
वहीं केन्द्र द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के प्रति जन जागरुकता लाने के लिए भाजपा मध्यप्रदेश में मंगलवार से संभागीय स्तर पर दो दिवसीय किसान सम्मेलन आयोजित करने जा रही है और उसके बाद जिले, मंडल एवं गांव-गांव में चौपाल लगाएगी।
केन्द्र की भाजपा नीत सरकार सितंबर, 2020 में बने इन कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के रूप में पेश कर रही है जो बिचौलियों को खत्म करेंगे और किसानों को देश में कहीं भी अपनी उपज बेचने की अनुमति देंगे। लेकिन दूसरी ओर हजारों की संख्या में किसान इन्हें ‘काला कानून’ बताते हुए इनका विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे मंडियां खत्म हो जाएंगी, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिपाटी समाप्त हो जाएगी और किसान कॉरपोरेट्स के हाथों मजबूर हो जाएगा। राष्टूीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हजारों की संख्या में एकत्र किसान तीनों कानूनों को निरस्त करने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग कर रहे हैं।