मध्य प्रदेश के राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के 29 अधिकारियों को इस साल आईएएस और आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है। सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष प्रदीप जोशी की अध्यक्षता में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में इन नामों पर चर्चा हुई। इस दौरान एक पद के लिए तीन अफसरों के नामों पर विचार किया गया।
इन अधिकारियों को IAS मिलने की चर्चा
मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों के मुताबिक राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस कैडर में पदोन्नति के लिए 18 पद उपलब्ध हैं। सीनियरिटी और सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर 1994 बैच के विनय निगम, विवेक सिंह और 1995 बैच के पंकज शर्मा के साथ-साथ 1998 और 1999 बैच के अधिकारियों के नाम पर विचार किया गया। सीनियरिटी के आदार पर सुधीर कोचर, रानी बाटड, चंद्रशेखर शुक्ला, त्रिभुवन नारायण सिंह, नारायण प्रसाद नामदेव, दिलीप कुमार कापसे, बुद्धेश कुमार वैद्य, जयेंद्र कुमार विजयवत, डा.अभय अरविंद बेडेकर, अजय देव, नियाज अहमद खान, मनोज मालवीय, नीतू माथुर, अंजू पवन भदौरिया और जमना भिडे के नाम आईएएस कैडर में शामिल हो सकते हैं। DPC की बैठक में 54 अधिकारियों का प्रस्ताव यूपीएससी को भेजा गया। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन कार्मिक दीप्ति गौड़ मुखर्जी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इन अधिकारियों को IPS मिलने की संभावना
इसी तरह राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस कैडर में पदोन्नति के लिए 11 पद उपलब्ध हैं। वरिष्ठता और सेवा अभिलेखों के आधार पर 1995-96 बैच के अधिकारी प्रकाश चंद्र परिहार, निश्चल झारिया, रसना ठाकुर, संतोष कोरी, जगदीश डाबर, मनोहर सिंह मंडलोई, रामजी श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह पवार, सुनील तिवारी, संजीव कुमार सिन्हा और संजीव कुमार कंचन को आईपीएस संवर्ग आवंटित हो सकता है। बैठक में पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।