सीबीआई की भोपाल शाखा ने शुक्रवार को धोखाधड़ी के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के 22 कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साल 2011 से 2016 के दौरान कोयले के धंधे से जुड़े लोगों को कर्ज देने और कर्ज की सीमा बढ़ाने की कथित धोखाधड़ी के लिए भोपाल और उज्जैन में एक साथ छापे मारे गए हैं।
पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और भोपाल और उज्जैन की चार शाखाओं की जांच की जा रही है।
सीबीआई अधिकारिओं ने बताया कि, 'आरोप है कि बैंक के कर्मचारियों ने कोयला के कारोबार से जुड़े निजी लोगों को धोखाधड़ी से कर्ज दिया और कर्ज दिए जाने की सीमा बढ़ा दी। इस साथ ही जिनके आधार पर कर्ज दिया जाता है उन संपत्तियों का बहुत ज्यादा मूल्यांकन कर कर्ज बांटे गए।'
लाभार्थियों और बैंक कर्मचारियों की साठ-गांठ से कागजातों में हेरफेर किया गया जिससे बैंक को 80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
आरोपियों के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब के 47 दफ्तरों के साथ-साथ घरों की तलाशी ली गई है। इस दौरान कई दस्तावेज बरामद और जब्त किए गए हैं जिससे पूरा फर्जीवाड़ा साबित होता है।