चीतों को ट्रैकुलाइज नहीं कर पा रहा वन विभाग
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श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में साउथ अफ्रीका से भी विशेषज्ञों की टीम अभ्यारण में पहुंच चुकी है। लगातार कॉलर आईडी से संक्रमित हुए चीतों को ट्रैकुलाइज करने में जुटी है। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश वर्मा ने पवन नाम के चीते के इंफेक्शन होने की पुष्टि की है। बताया है कि उसकी गर्दन पर घाव के निशान होने से उसे इंफेक्शन हुआ है।
उन्होंने बताया है कि पवन सहित तीन चीतों को गले में लगी कॉलर आईडी या आपसी टकराव की वजह से उनकी गर्दन में घाव के निशान बन गए हैं। चर्चा तो यहां तक है कि तीनों चीतों के गर्दन में हुए घाव में कीड़े पड़ने से गंभीर इंफेक्शन हो गया है, जिनका देरी से पता लगने की वजह से तत्काल उपचार नहीं हो पाया। इस वजह से घाव में इंफेक्शन बढ़ गया है। अब इंफेक्शन बढ़ने के बाद कूनो वन अमले में हड़कंप मचा हुआ है।
आनन-फानन में डॉक्टर और चीता एक्सपर्ट को बुलाकर जिन चीतों को इंफेक्शन हुआ है, उन्हें पकड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। पवन नाम के चीते को ट्रैकुलाइज करके उसके गले से कॉलर आईडी निकालकर उसका उपचार शुरू कर दिया गया है। अन्य दो चीते वन अमले के हाथ नहीं लग पा रहे हैं। इस वजह से उनका उपचार अभी शुरू नहीं हो पाया है।
कूनो नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम शर्मा ने चीतों को इंफेक्शन होने की खबर को भ्रामक बताया है और कहा है कि ऐसा नहीं है। अगर ऐसा कुछ होगा तो जानकारी शेयर की जाएगी। जबकि कूनो डीएफओ प्रकाश वर्मा का कहना है कि पवन चीता को इंफेक्शन हुआ है, जिसका उपचार किया जा रहा है और ऐसी कोई बात नहीं।