सार
MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या ब्लॉक में जंगल में शिकार करने गए गया एक आदिवासी युवक खुद अपनी ही बंदूक से चली गोली का शिकार हो गया। दरअसल शिकार के दौरान पहाड़ी से नीचे उतरते समय उसके कंधे पर टंगी बंदूक जमीन से टकरा गई और उसे हुए फायर में निकले छर्रे उसके सीने में धंस गए। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जंगल में शिकार करने गया आदिवासी युवक अपनी ही बंदूक का हो गया शिकार
- फोटो : अमर उजाला
खरगोन के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की सीमा से लगे विकासखंड झिरन्या के ग्राम गाड़ग्याम में शिकार करने गया एक आदिवासी युवक खुद शिकार हो गया। अपनी ही बंदूक से चली गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ग्राम छेंडीया अंजन का निवासी भावसिंह उर्फ नानसिंह नाली वाली बंदूक लेकर जंगल में शिकार की नियत से अपने जीजा कलर सिंह के साथ गया था।
इस दौरान ग्राम सड़क पार करने में गड्डे से कूदते वक्त उसकी बंदूक जमीन पर टकराई और उससे नानसिंग पर फायर हो गया। घटना में नानसिंग की मौके पर मौत हो गई। घटना की जांच करने घटना स्थल पर थाना प्रभारी सहित एसडीओपी राकेश आर्य भी पहुंचे। तो वहीं मृतक को पोस्टमार्टम के लिए खरगोन जिला आस्पताल ले जाया गया और मर्ग कायम कर जांच की जा रही है ।
परिजनों ने दी जानकारी
इधर मृतक के परिजन सुजान सिंह चौहान ने बताया कि यह घटना सिरी नाका छेन्दीया अंजन में हुई है, जहां ये जा रहे थे और बंदूक हाथ में थी, जो पैर फिसलने से बंदूक की गोली चल गई, जिसमें नान सिंह मेहता की मौत हो गई। वहीं घटना की जांच कर रहे एएसआई संतोष चौधरी ने बताया कि मृतक नानसिंह उर्फ भावसिंह से शिकार खेलने गया था। शिकार खेलते समय, रोड क्रॉस करते हुए पहाड़ी पर से ढलान से नीचे उतरा, जिससे शॉट गन का फायर हो गया और उसको छर्रे सीने में लग गए।