देश के इकलौते रेलवे के चार जोनों को जोड़ने वाले मध्यप्रदेश के खंडवा जंक्शन पर लगाया गया भारत की एकता, अखंडता और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा फिलहाल बदहाल है। दरअसल, देश की शान माने जाने वाले तिरंगे को रेलवे ने देश भर में फैले अपने सौ रेलवे स्टेशनों पर बड़ी ही शान के साथ लगवाया था। लेकिन खंडवा जंक्शन पर 100 फीट की ऊंचाई पर लगे इस झंडे का मेंटेनेंस नहीं होने के चलते यह फट गया है। वहीं, इस पर अब तक किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं होने के चलते यह इसी हालत में यहां लहरा रहा है।
खंडवा रेलवे स्टेशन पर लगे जिले के सबसे बड़े तिरंगे झंडे को हमेशा ही शान-ओ-शौकत से लहराते रहने के लिए इसकी पूरे वर्ष भर लगातार देख रेख की जाती है। लेकिन सौ फीट की ऊंचाई पर लगे होने के कारण इसे तेज हवाओं से अक्सर क्षति पहुंचती रहती है और जब भी ऐसा होता है, तब इसे फिर से नया बनवाकर फहराया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह झंडा क्षतिग्रस्त हालत में लहरा रहा है। लेकिन इस तरफ किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान अब तक नहीं गया है, जिसके चलते यह हालत बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, हर बार जब यह क्षतिग्रस्त होता है तो मुंबई से लगभग 20 हजार रुपये में बनकर आता है। वहीं, सौ फीट की ऊंचाई पर लहरा रहे 20 बाय 30 के तिरंगे को तेज हवा से नुकसान पहुंचने पर रेलवे व आरपीएफ दोनों ही की इसे बदलने की जिम्मेदारी है। वहीं, रेलवे का इलेक्ट्रिक विभाग झंडे को उतारने व चढ़ाने का कार्य करता है तो आरपीएफ इसे सम्मान के साथ ले जाने व लाने का कार्य करता है। वहीं, एक बार इस झंडे को बनवाने में रेलवे के लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते हैं।
वहीं, खंडवा स्टेशन प्रबंधक जीएल मीणा से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, अभी आपसे जानकारी मिली है। मैं अभी तुरंत उसे जाकर देख लेता हूं और अभी उसे बदलवा दिया जाएगा। इधर, भुसावल मंडल के अधिकारी विजय जोर ने भी बताया कि आप से जानकारी मिली है, अभी स्टेशन प्रबंधक से बात कर उसे बदलवा दिया जाएगा।