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Khandwa: खंडवा स्टेशन पर खत्म हुआ यार्ड रीमॉडलिंग का काम, अब यहां से गुजरने वाली ट्रेनें अधिक सुरक्षित

सार

खंडवा स्टेशन पर चल रहा प्रारंभिक एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) का कार्य पांच से 20 जुलाई तक 16 दिन चला। 21 और 22 जुलाई को दो दिन नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य भी शामिल रहा।
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खंडवा जंक्शन पर लगायी गयी आधुनिक सिग्नल प्रणाली
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विस्तार
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मध्य प्रदेश का खंडवा जंक्शन देश में रेलवे के चार जोन को जोड़ता है। यहां बीते दिनों से यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य चल रहा था, जो अब पूरा हो गया है। इस दौरान रेलवे का मेगा ब्लॉक भी अब समाप्त हो गया है। इस कार्य के चलते खंडवा स्टेशन से रद्द की गईं करीब 30 से अधिक ट्रेनें और इतनी ही संख्या में डाइवर्ट की गई ट्रेनें भी अब पहले की तरह शुरू हो गई हैं। 

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इस काम के दौरान खंडवा-सनावद रेलवे लाइन को खंडवा स्टेशन से जोड़ने के लिए ईआई (इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग) का कार्य विभिन्न चरणों में पूरा किया गया। इसका प्रारंभिक चरण करीब 60 दिनों तक चला था, जिसमें मुख्य ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) गतिविधियां संचालित की गईं। इसके लिए 54 मीटर विशेष प्रकार का एक पोर्टल भी लॉन्च किया गया था, जो नौ लाइनों के ओएचई को संभालने के लिए था।

नए प्लेटफार्म का निर्माण
रेलवे के इंजीनियरों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कार्य में रतलाम की ओर से आने और जाने वाले यातायात को संभालने के लिए 24 कोचों के दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण भी किया गया। इसके बाद डाउन यार्ड लाइन नंबर 2 और 4 की गति को 10 किमी/घंटा से बढ़ाकर 30 किमी/घंटा किया गया है। डाउन मुख्य लाइन पर 30 किमी/घंटा की पीएसआर (परमानेंट स्पीड रेस्ट्रिक्शन) को 110 किमी/घंटा तक बढ़ाने का मुख्य कार्य भी किया गया, जो डाउन मुख्य लाइन पर स्थित तीव्र वक्रता को आसान बनाकर किया गया है।
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एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) कार्य
खंडवा स्टेशन पर प्रारंभिक एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) का कार्य पांच से 20 जुलाई तक 16 दिनों तक किया गया। 21 और 22 जुलाई को दो दिन नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य भी किया गया। इस समय अप और डाउन दिशा में लगातार तीन घंटे का दैनिक ट्रैफिक ब्लॉक संचालित किया गया। इस प्रारंभिक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य में 17 प्वाइंट्स और पांच डिराइलिंग स्विच लगाए गए थे। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 38 घंटे के डिसकनेक्शन के तहत किया गया था। शनिवार सुबह आठ बजे से रविवार देर रात 11 बजे तक यह काम चला था।

ट्रेनों का सुरक्षित संचालन
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान डाउन दिशा में तीन घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक और अप दिशा में भी तीन घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक परीक्षण और कमीशनिंग कार्य के लिए लिया गया था। इसमें कुल चार घंटे का अप और डाउन ट्रैफिक ब्लॉक भी शामिल था। कुल नौ गुमटी का निर्माण किया गया। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य में 160 परिचालन कर्मचारी शामिल रहे। इस नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान कुल 59 अप ट्रेनें और 60 डाउन ट्रेनें सुरक्षित रूप से चलाई गईं।

ट्रेनें रद्द और डाइवर्ट
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार खंडवा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान 114 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया गया था। 79 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रुट डायवर्सन भी किया गया था। अब यह कार्य बिना किसी प्रकार की देरी के सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। यहां नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का सफल कमीशनिंग कार्य भी सोमवार को पूरा किया गया। खंडवा जंक्शन पर आधुनिक सिग्नल प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिससे यात्री सेवाओं में सुधार होगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

 

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