सार
MP News: खंडवा में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां का एक किसान मोजीलाल मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर, उसे पिछली जनसुनवाई में दिए गए नए कपड़ों को प्रशासन को वापस करने पहुंचा था। उसने अधिकारियों को कहा कि मेरी समस्या तो अभी तक हल नहीं हुई है, जिसको लेकर मेरी पत्नी और बच्चे मुझे अब ताने मार रहे हैं कि, तुम वहां से नए कपड़े पहन कर आ जाते हो, और हम फटेहाल कहां जाएं। इसलिए वो यह कपड़े वापस कर सिर्फ अपने खेत की समस्या को हल करवाना चाहता है।
जिले की पुनासा जनपद में रहने वाला एक गरीब किसान मौजीलाल साल 2007 से नहर के सीपेज की समस्या से परेशान है। किसान मोजीलाल का जहां खेत है, वहीं पास से एक नहर बहती है और उसका पानी रिस रिस कर मोजिलाल के खेत मे लगी फसल को खराब कर देता है। इसकी शिकायत भी वह कई बार कर चुका है, लेकिन हर बार अधिकारी उसे किसी न किसी तरह से समझा बुझा कर वापस भेज देते हैं।
हालांकि पिछली बार की जनसुनवाई में उसके फटे कपड़े देखकर अपर कलेक्टर ने उसे नए कपड़े दिला दिए थे। अब वही कपड़े लेकर वह वापस आया था और जनसुनवाई में जिला कलेक्टर के सामने कहने लगा कि मेरी पत्नी ओर बच्चे मुझे डांटते हैं कि हर बार तुम वहां जाकर नए कपड़े ले आते हो और हम लोग यहां फटेहाल रहते हैं। इसलिए वो ये कपड़े वापस देकर इस बार केवल अपनी खेत की समस्या को हल करवाना चाहता है । हालांकि जिला कलेक्टर ने उसे अब सात दिन में समस्या हल करवाने का आश्वासन दिया है।
डीएम ने कही ये बात
इधर, जिला कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मौजीलाल की समस्या यह है कि उसके खेत के बगल से नहर बहती है। जिसका पानी रिस कर उसके खेत में आ जाता है। हमने पिछली बार भी प्रशासन की एक टीम वहां भेजी थी। नहर में अभी पानी चलने के कारण उसकी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया था। जल्दी उसके खेत में काली मिट्टी डालकर समतलीकरण कर दिया जाएगा। ताकि उसे समस्या से छुटकारा मिल सके।