कटनी में दलित महिला के साथ रंगनाथ थाने पहुंचे जीतू पटवारी ने बीजेपी सहित पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए उनकी पूरी कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार को दलित महिला कुसुम वंशकार और उनके पोते से मुलाकात करने कटनी पहुंचे थे। जहां पीड़ित महिला ने अपने साथ हुई बर्बरता का पूरा किस्सा कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और लखन घनघोरिया सहित अन्य नेताओं को सुनाया।
बता दें कि उसके बाद सैकड़ों की संख्या में मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने रंगनाथ थाने पहुंचकर जीआरपी टीआई अरुणा वाहने के विरुद्ध मामला दर्ज करवाने पहुंच गए। हालांकि, पुलिस और जीतू पटवारी के बीच घंंटों हुई बातचीत के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। जीतू पटवारी ने मीडिया से बताया कि मैं 10 वकीलों के साथ थाने पहुंचा हूं, दलित अम्मा और उनके पोते से रातभर बड़ी क्रूरता पूर्वक हुई मारपीट के मामले पर एफआईआर दर्ज करवाने आए। लेकिन पूरे थाने में कोई नहीं है।
पटवारी ने कहा, दो घंटे बीत गए पुलिस असमंजस में है, एफआईआर दर्ज नहीं कर पा रही है। अम्मा दलित है, यह गुनाह हो गया। ये पुलिस का ओपेन गुंडाराज है। इसका उदाहरण समाने आ गया है। पुलिस और मोहन सरकार का चेहरा कितना दलित विरोधी है, इसका पता चल गया है। एफआईआर तो दर्ज होगी, अभी दो घंटे हुए चार घंटे भी होंगे, सुबह भी होगी। लेकिन एफआईआर होगी या हमारी गिरफ्तारी होगी तो न्यायालय से जमानत होगी और FIR कोर्ट से दर्ज करवाएंगे। फिलहाल, जीतू पटवारी करीब चार घंटे से अघोषित धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं, जो कब तक चलेगा यह देखना अभी बाकी है।