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कटनी जमीन सौदेबाजी केस: निलंबित सीएसपी नेहा समेत तीन आरोपी दो महीने से फरार, 20 हजार बढ़कर हुआ इनाम

Mon, 05 Oct 2026 01:43 PM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी

सार

कटनी के जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग मामले में फरार निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों पर घोषित इनाम 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। तीनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
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तीनों आरोपियों पर 20 हजार हुई इनामी राशि - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीनों आरोपी करीब दो माह बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने पहले आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। बावजूद इसके तीनों आरोपियों तक एसआईटी की पहुंच नहीं बन सकी है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर एसआईटी की कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी भी सवालों के घेरे में आ गई है।

पहले 10 हजार, अब 20 हजार रुपये का इनाम

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दरअसल, हत्या के आरोपी की बेशकीमती जमीन की सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी की गिरफ्तारी के लिए पहले कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब जबलपुर रेंज के डीआईजी अतुल सिंह ने इनाम की राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी है, ताकि फरार आरोपियों की तलाश जल्द से जल्द हो सके। डीआईजी ने टेलीफोन पर इसकी पुष्टि की है। वहीं, तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं कटनी जिला न्यायालय से पहले ही खारिज हो चुकी हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी तीनों आरोपियों की कोई अग्रिम जमानत याचिका विचाराधीन या लंबित नहीं है। इसके बावजूद आरोपी करीब दो महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे हैं।

हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग
बता दें कि, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका WP/36337/2026 भी दायर की है। याचिका में मामले की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। यह मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि आरोप है कि जिम्मेदार पद पर रहते हुए निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 82 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की जमीन पर दबाव बनाकर उसे महज 18 लाख 20 हजार रुपये में अपने करीबियों के नाम करवाया। मामले की जांच के बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 19 अगस्त को कुठला थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसमें धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं।

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आठ सदस्यीय एसआईटी कर रही आरोपियों की तलाश
पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी फरार हैं। आरोपियों की तलाश के लिए जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी को इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बनाया गया है। उनके नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि करीब दो महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने को लेकर एसआईटी से लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

निलंबन के बाद भोपाल मुख्यालय अटैच
बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर भोपाल पुलिस मुख्यालय में अटैच किया जा चुका है। इसके बाद से कटनी सीएसपी की कुर्सी भी खाली चल रही है। ऐसे में इसका सीधा असर कानून-व्यवस्था पर पड़ने की बात कही जा रही है। फिलहाल, देखना यह है कि बढ़ाई गई इनाम की राशि का कितना असर होता है और क्या एसआईटी तीनों फरार आरोपियों में से किसी को गिरफ्तार कर पाती है।

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