खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे पर शनिवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने नानपुर की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जामोद पेट्रोल पंप के सामने दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में राहुल (19) और सुनील (22) की मौत हो गई, जबकि संदीप (22) गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद अब ग्रामीणों ने नानपुर में स्थायी एंबुलेंस व्यवस्था की मांग उठाई है।
बताया गया कि तीनों युवक पावागढ़ में दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। दो युवकों की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। घटना ने एक बार फिर गंभीर दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जरूरत सामने ला दी है।
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हादसा हुआ, अब एंबुलेंस के लिए उठी आवाज
ग्रामीणों का कहना है कि नानपुर जैसे क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एंबुलेंस की स्थायी उपलब्धता जरूरी है। सड़क दुर्घटना हो या कोई अन्य गंभीर स्थिति, शुरुआती समय में मरीज को अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत नानपुर के सचिव को आवेदन सौंपा है। आवेदन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नानपुर पर 108 या अन्य एंबुलेंस सेवा स्थायी रूप से उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि गंभीर मरीजों को रेफर करने और दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तत्काल वाहन मिल सके।
अब जिम्मेदारों की बारी
ग्रामीणों ने महेश मौर्य, मुकाम मौर्य, सुखराम मौर्य, सरपंच प्रतिनिधि समरथ मौर्य, गजानंद माली, डिम्पू राठौड़, नीलेश मौर्य, विक्रम मौर्य, संजय कलेश, अर्जुन मौर्य, विकास चौहान, मुलेसिंह मौर्य, जितेंद्र वाणी, प्रकाश चौहान, भूरू सरपंच, कैलाश सरपंच और सज्जन मौर्य सहित अन्य लोगों के समर्थन से एंबुलेंस की मांग उठाई है।
अब सवाल यह है कि नानपुर में एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था कब होगी? ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।