लापता पत्नी की तलाश को लेकर पति द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, जबलपुर को महिला की खोज कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को निर्धारित की गई है।
अवकाशकालीन युगलपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति बी.पी. शर्मा शामिल थे, ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
कोई सुराग नहीं मिला
अज्ञात नंबर से कॉल आया
अगले दिन गणेश ने तिलवारा थाने में पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। याचिका में आगे बताया गया कि इसके बाद उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें धमकी देते हुए एक लाख रुपये फिरौती की मांग की गई और कहा गया कि पैसे देने पर उसकी पत्नी को छोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट के समक्ष पीड़ित ने लगाई गुहार