फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: आदिवासियों को कमेटी से हटाने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Wed, 23 Apr 2025 09:00 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

Jabalpur: बुरहानपुर में गठित कमेटी में नियमों को ताक पर रखते हुए आदिवासी वर्ग के प्रतिनिधियों की जगह अन्य वर्ग के लोगों को शामिल कर लिया गया। इसके चलते वन भूमि के पट्टे अन्य वर्गों को दिए जा रहे हैं, जिससे आदिवासी समुदाय के हितों की अनदेखी हो रही है।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आदिवासियों को जिला स्तरीय कमेटी से बाहर किए जाने के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह याचिका बुरहानपुर निवासी जितेन्द्र राव तोले की ओर से दायर की गई थी।

याचिका में कहा गया है कि वन भूमि के पट्टे आवंटन के लिए जिला स्तर पर गठित कमेटी में नियमों के अनुसार जिला कलेक्टर, वन विभाग के अधिकारी और पंचायत स्तर के तीन आदिवासी जनप्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल किए जाने चाहिए। इनमें से कम से कम एक महिला होना भी अनिवार्य है। इस बाबत सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है।

विज्ञापन


पढ़ें: कार पलटने से महिला की हुई मौत, मैहर दर्शन कर छिंदवाड़ा लौट रहे थे; बरगी के रैपुरा में हुआ हादसा    

लेकिन बुरहानपुर में गठित कमेटी में नियमों को ताक पर रखते हुए आदिवासी वर्ग के प्रतिनिधियों की जगह अन्य वर्ग के लोगों को शामिल कर लिया गया। इसके चलते वन भूमि के पट्टे अन्य वर्गों को दिए जा रहे हैं, जिससे आदिवासी समुदाय के हितों की अनदेखी हो रही है।

याचिका में जनजातीय कार्य विभाग के सचिव, निदेशक, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सहायक निदेशक, जिला कलेक्टर बुरहानपुर, और सहायक आयुक्त जनजातीय कल्याण सहित अन्य अधिकारियों को अनावेदक बनाया गया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगल पीठ ने सुनवाई के बाद सभी अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सूर्य प्रकाश पाठक ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें