जबलपुर में मड़ई स्थित क्षेत्र में मस्जिद निर्माण का मामला गर्मा गया है। एक दिन पहले रांझी के मड़ई स्थित क्षेत्र में मस्जिद निर्माण के खिलाफ हिन्दूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया था। अब मुस्लिम वर्ग के लोगों ने भी मड़ई से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक हाथों में तिरंगा लेकर रोड मार्च किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है। न्यायालय का फैसला उन्हें स्वीकार करना होगा।
गौरतलब है कि मड़ई क्षेत्र में मस्जिद का निर्माण किए जाने का हिन्दूवादी संगठन विरोध कर रहे थे। रांझी क्षेत्र के तत्कालीन एसडीएम ने मस्जिद के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। कुछ दिन पूर्व मस्जिद में आकर लोगों के रुकने पर कार्य प्रारंभ किए जाने का विरोध करते हुए हिन्दूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया था। हिन्दूवादी संगठनों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए दस दिन का अल्टीमेटम भी दिया था। इस क्रम में मुस्लिम वर्ग ने मड़ई से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक लगभग आठ किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला। इस दौरान वह हाथों में तिरंगा लिए हुए थे। उन्होंने उप पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया था कि वह न्यायालय पर विश्वास करते हैं। न्यायालय को जो फैसला आएगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।
मुस्लिम वर्ग के साथ पहुंचे भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एम सिद्दीकी ने बताया कि पूर्व में बाबरी मस्जिद के मामले में आए न्यायालय के निर्णय को हम लोगों ने स्वीकार किया। देश की न्याय व्यवस्था पर हमें पूरा विश्वास है। रांझी के तत्कालीन एसडीएम ने मस्जिद निर्माण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने सिविल कोर्ट में वाद दायर किया है। गायत्री मंदिर की तरफ से जमीन पर दावेदारी की गई है। कुछ प्राइवेट लोग की संपत्ति का दावा किया जा रहा है। न्यायालय दस्तावेज तथा साक्ष्यों के आधार पर फैसला लेगा, जो मुस्लिम वर्ग को स्वीकार होगा। एसडीएम रांझी आर मरावी ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार गायत्री मंदिर की तरफ से जमीन पर दावा करने हुए उनके समक्ष कोई आवेदन दायर नहीं किया गया है। संबंधित प्रकरण की जांच करने के बाद ही वह अधिकृत तौर पर कुछ बता सकते हैं।