प्रोविजनल डिग्री के लिए आवेदन करने पर मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा स्पोर्ट्स, कल्चर, यूनिवर्सिटी डेवलेंपमेंट सहित अन्य मद की फीस डॉलर में मांगे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ता अर्पिता चौहान की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसने एनआरआई कोटे के तहत इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। उसका एमबीबीएस कोर्स की पढ़ाई के बाद इंटर्नशिप पूर्ण की थी। उसने मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में प्रोविजनल डिग्री के लिए आवेदन किया था। यूनिवर्सिटी पुस्तकालय शुल्क, विश्वविद्यालय विकास शुल्क, खेल व सांस्कृतिक शुल्क आदि के रूप में 4800 यूएस डॉलर की मांग कर रही है।
याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने युगलपीठ को बताया कि छात्र की डिग्री उसकी व्यक्तिगत सम्पत्ति है। विभिन्न मदों के नाम पर डिग्री के लिए 4800 डॉलर मांगे जा रहे हैं, जो भारतीय रुपये में लगभग 3 लाख 75 हजार होते हैं। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने मेडिकल चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।