मध्यप्रदेश में करोड़ों की धान रखरखाव के अभाव में सड़ने का मामला सामने आया है। ये खुलासा धान के स्टॉक की जांच के बाद हुआ है। प्रशासन ने भंडारण का कार्य करने वाली कंपनी के डायरेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है।
बता दें कि बालाघाट जिला मध्य प्रदेश का सर्वाधिक धान उत्पादक जिला है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 40 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई थी। बालाघाट में वर्ष 2021-22 में उपार्जित धान के भंडार का अनुबंध गो ग्रीन कंपनी द्वारा जिले के डोगरिया, खापा, भेण्डारा, चिकमारा, मोहाडी, वारा, पालडोंगरी, नंदलेसारा में स्थित ओपन कैप में किया गया था, लेकिन कंपनी द्वारा खुले आसमान के नीचे ओपन कैप में रखी गई धान को फटी त्रिपाल से ढांक दिया गया। इसके कारण बारिश और कड़ी धूप में धान खराब हो गई। सुरक्षा के प्रबंध नहीं होने के कारण हजारों क्विंटल धान गायब हो गई। जांच में धान के स्टॉक में 6632.48 क्विंटल की कमी पाई गई, जिसकी कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये है। स्टेट वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन बालाघाट के जिला प्रबंधक रमेश पटले ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।
बारासिवनी पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भंडारण करने वाली कंपनी गो ग्रीन डायरेक्टर संतोष साहू निवासी नवरंगपुरा अहमदाबाद एवं स्टेट हेड सौरभ मालवीय, कपनी के सलाहकार अखिलेश बिसेन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।