भोपाल में अपनी बुआ के घर आया दिल्ली का युवक अचानक लापता हो गया था, जिसका सुराग पुलिस को अब तक नहीं मिला है। सोमवार को पुलिस ने हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश की।
दिल्ली से भोपाल अपनी बुआ के घर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा युवक अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद पीड़ित मां ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। बंधी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष स्टेट्स रिपोर्ट पेश की गयी, जिसमें कहा गया है कि सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार युवक स्वयं कहीं चला गया है,जिसकी तलाश जारी है।
दिल्ली निवासी ज्योति की तरफ से दायर की गयी बंधी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उनका बेटा हिमांशू भोपाल अपनी बुआ के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया था। बेटे ने 23 मार्च की मध्यरात्रि वीडियो कॉलिंग कर बताया कि बुआ व उनका लड़का उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद एक होटल से फोन आया और दो मिनिट बाद कट गया। आरोप है कि उनके बेटे को बंधक बनाकर रखा गया है, जिसका अब तक कुछ पता नहीं चला है। इस संबंध में उन्होने संबंधित पुलिस अधिकारियों सहित अन्य से शिकायत की थी। कोई कार्रवाई न होने के कारण हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में प्रमुख सचिव गृह विभाग, एसपी भोपाल, एसएचओं बैरागढ़ व बीना, इंदू व चित्रांश को पक्षकार बनाया गया है। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने स्टेट्स रिपोर्ट पेश कर सुराग नहीं मिलने की जानकारी दी।