मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का पदभार लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए कहा कि सेना के जवानों को शरीर के साथ मानसिक रूप से मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मध्य भारत एरिया में आर्मी का लगभग 22 प्रतिशत क्षेत्र आता है। हमारे ट्रेनिंग सेंटर से पास आउट होने वाले जवान बेहतर सेवाएं दें, जिससे देश की आर्मी को फायदा हो। देश को विकसित बनना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा। हमारे ट्रेनिंग सेंटर से निकलने वाले अग्निवीर की परफॉर्मेंस अच्छी है। नया आयम हासिल करने के लिए आर्मी तथा सिविल बॉडी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का कार्य कर सकते हैं। जीओसी के नाते दोनों के बीच सेतु का कार्य करना मेरी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जवानों की सुविधा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा शहीदों के विधवाओं और उनके बच्चों के कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अलावा रिन्यूवल एनर्जी तथा पर्यावरण संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। पदभार ग्रहण करने के पूर्व उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत साल 1987 से प्रारंभ करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत के पास विभिन्न हाई प्रोफाइल कमांड स्टाफ और आदेशानुसार नियुक्तियों का व्यापक अनुभव है। गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए टकराव के दौरान उन्होने पूर्वी लद्दाख में एक माउंटेन डिवीजन की कमान संभाली थी। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला में प्रशिक्षण, यूनिफिल लेबनान में संपर्क अधिकारी, सहायक सैन्य सचिव, इन्फैटी डिवीजन में कर्नल जनरल स्टाफ, मैकेनाइज्ड फोर्स में महानिदेशक, कर्नल जनरल स्टाफ ऑपरेशन के रूप में कार्यरत रहे हैं।