सागर जिला निवासी आकांक्षा ठाकुर और रोहित लोधी, टीकमगढ़ जिला निवासी नरेश कुमार कुर्मी और छतरपुर जिला निवासी रोहित साहू की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन ने 31 विभागों के लिए उपयंत्री, मानचित्रकार व समयपाल सहित कुल 5114 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापित जारी किये थे। विज्ञापन में न्यूनतम योग्यता 12वीं और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा निर्धारित की गई।
याचिकाकर्ताओं सहित लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन करके परीक्षा दी। महाधिवक्ता के अभिमत के आधार पर 23 विभागों ने ओबीसी के 13 प्रतिशत पदों को होल्ड करके नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। मुख्यमंत्री ने 30 जून 2023 को भोपाल में बड़ा आयोजन करके चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
याचिका में कहा गया कि वह ओबीसी वर्ग के हैं। उनके अंक अनारक्षित वर्ग के कट ऑफ अंकों से अधिक थे। ओबीसी वर्ग में चयनित अभ्यर्थियों से भी उनके 10 अंक से अधिक हैं। इसके बावजूद उन्हें उपयंत्री पद पर नियुक्ति नहीं दी गई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अंतरिम आदेश देते हुए अनावेदकों से जवाब-तलब किया है। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।