फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court: निशा बांगरे के खिलाफ विभागीय जांच तथा इस्तीफे पर सोमवार तक होगा निर्णय, सरकार ने पेश की अंडरटेकिंग

Fri, 20 Oct 2023 08:16 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से अंडरटेकिंग दी गई कि डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ लंबित विभागीय जांच तथा उसके इस्तीफे के संबंध में सरकार सोमवार की शाम तक निर्णय लेगी। 
विज्ञापन
निशा बांगरे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के खिलाफ लंबित विभागीय जांच तथा उनके इस्तीफे पर सरकार सोमवार की शाम तक निर्णय लेगी। सरकार की तरफ से इस संबंध में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रविविजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष अंडर टैकिंग पेश की गई। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई दशहरा अवकाश के बाद निर्धारित की है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि छतरपुर के लवकुश नगर में एसडीएम के पद पर पदस्थ डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने  22 जून 23 को सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा भेज दिया था। सरकार द्वारा उसके इस्तीफे पर कोई निर्णय नहीं लेने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 24 जनवरी 1973 को पारित मेमो के अंतर्गत सरकार को अधिकारी के इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 दिनों के अंदर इस्तीफे पर निर्णय लेने के आदेश जारी किए थे।

कोर्ट ने पहले दस दिनों का दिया था समय
निर्धारित अवधि गुजर जाने के बावजूद भी इस्तीफे पर सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लेने के खिलाफ डिप्टी कलेक्टर ने हाईकोर्ट की पुनः शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि सरकार द्वारा विभागीय जांच के लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था। सरकार की तरफ से विभागीय जांच में लगाए गए आरोप उन्होंने स्वीकार कर लिए हैं। इसके बावजूद भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 10 दिनों में इस्तीफे पर निर्णय लेने के आदेश जारी किए थे।
विज्ञापन


सरकार ने जांच कार्रवाई के लिए मांगा था वक्त
सरकार की तरफ से उक्त आदेश के खिलाफ युगलपीठ के समक्ष अपील दायर की गई थी। अपील में कहा गया था कि विभागीय जांच की सभी औपचारिता दस दिनों में पूर्ण नहीं हो सकती है। आरोप के संबंध में पीएससी की अनुमति, संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई जरूरी है। युगलपीठ द्वारा सरकार की अपील तथा डिप्टी कलेक्टर की याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं हैं। छुट्टी के दुरुपयोग का आरोप है और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया है। विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान इस्तीफा स्वीकार किया जा सकता है। इस्तीफ पर निर्णय लेने के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए। आग्रह को अस्वीकार करते हुए युगलपीठ ने सरकार को विभागीय जांच पूरी कर इस्तीफे पर निर्णय लेने के आदेश जारी किए।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं निशा
डिप्टी कलेक्टर ने सरकार द्वारा इस्तीफा स्वीकार नहीं करने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता डिप्टी कलेक्टर को इस्तीफा देने का कारण स्पष्ट करते हुए एक-दो दिनों में हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता के आवेदन का निर्धारण शीघ्र करें। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वरुण तन्खा ने बताया कि हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से अंडरटेकिंग दी गई कि डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ लंबित विभागीय जांच तथा उसके इस्तीफे के संबंध में सरकार सोमवार की शाम तक निर्णय लेगी। इसके बाद युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई दशहरा अवकाश को बाद  प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं।

कांग्रेस से लड़ सकती हैं चुनाव
निशा बांगरे के बैतूल जिले की आमला सीट से चुनाव लड़े जाने की अटकलें भी लग रही हैं। कांग्रेस ने सिर्फ इसी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, इससे भी इस बात को बल मिल रहा है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें