शैक्षणिक संस्थाओं की राशि के दुरुपयोग तथा मिशन की सम्पत्ति के फर्जीवाड़े में जेल की हवा खा रहे पूर्व बिशप पीसी सिंह की बेटी भी ईओडब्ल्यू के रडार में है। बेटी ने हैदराबाद से एमबीबीएस कोर्स किया था, जिसमें पांच करोड़ खर्च हुए थे। ईओडब्ल्यू इस संबंध में पतासाजी कर रही है।
ईओडब्ल्यू के डीएसपी स्वर्ण सिंह धामी के अनुसार प्रकरण की जांच में यह बात सामने आई है कि पूर्व बिशप की बेटी प्रियंका ने हैदराबाद से एमबीबीएस का कोर्स किया था। एमबीबीएस कोर्स में दाखिला के लिए बड़ी डोनेशन दी गई थी। कोर्स पूरा करने में पांच करोड़ रुपये व्यय हुए थे। पूर्व बिशप की पत्नी को नोरा सिंह को ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए तलब किया था। वे कैंसर पीड़ित होने के कारण पूछताछ के लिए ईओडब्ल्यू के समक्ष उपस्थित नहीं हुईं। उन्होंने लिखित जवाब पेश करते हुए इनकम टैक्स के दस्तावेज ईओडब्ल्यू को भेजे हैं।
गौरतलब है कि पूर्व बिशप पीसी सिंह, उसका बेटा पीयूष तथा पत्नी नोरा सिंह सहित सुरेश जैकब को ईओडब्ल्यू प्रकरण में आरोपी बना चुकी है। पूर्व बिशप का खास सुरेश जैकब पूरे फर्जीवाड़े में उसके साथ था। पीयूष को बिना निर्धारित योग्यता काईस्ट चर्च स्कूल का प्राचार्य बना दिया गया था। इसके अलावा उसके स्कूल की राशि का दुरुपयोग किया था। पति नोरा सिंह पर आरोप है कि मिशनरी द्वारा संचालित आठ शैक्षणिक संस्थानों की मैनेजर रहने के दौरान उन्होंने लगभग 72 लाख रुपये अनैतिक तरीके से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए थे।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पाउंड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान पीसी सिंह देश के बाहर थे। ईओडब्ल्यू ने सिंह को नागपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पीसी सिंह के परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक में साढे 6 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा उसने मिशन कंपाउंड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए उसने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वयं खरीद ली। पीसी सिंह के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं।