जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से आदेश का पालन नहीं किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एके सिंह की एकलपीठ ने पूर्व आदेश की नाफरमानी पर जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर घनश्याम सोनी को हाजिर होकर स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई आठ अप्रैल को तय की गई है।
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जबलपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका मुन्नी जैन, कोमल प्रसाद, राजकुमारी, कृपाल सिंह, विष्णु गिरि गोस्वामी और लखनलाल झारिया की तरफ से उक्त याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि उनको तीन सौ दिन का अर्जित अवकाश भुगतान नहीं किया गया था। जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनके पक्ष में राहतकारी आदेश पारित किया। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर ने मनमानी करते हुए आदेश का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित नहीं किया। जिससे व्यथित होकर अवमानना याचिका दायर की गई है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान एकल पीठ को बताया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने पूर्व में पारित आदेश का पूर्ण रूप से परिपालन नहीं किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने पूर्व में पारित आदेश की मनमानी तरीके से व्याख्या करते हुए याचिकाकर्ताओं को उचित लाभ प्रदान नहीं किया है। एकल पीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को अर्जित अवकाश के संपूर्ण रिकॉर्ड सहित हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने पैरवी की।