तिलवारा रोड स्थित बरगी हिल्स क्षेत्र में निर्माणाधीन के चौथे फ्लोर स्थित सर्विस किचिन में गैस पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस घटना में एक महिला कर्मचारी की मौत हो गयी तथा सात कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गये। ब्लास्ट इतना भयानक था कि आग की लपटों को कई किलोमीटर की दूरी से देखा जा सकता था। घटना की जानकारी मिलने पर एफएसएल, बम स्क्वॉड सहित दमकल विभाग की गाड़िया पहुंच गयी थी।
सीएसपी गढ़ा देवेन्द्र प्रताप सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार आईटीसी से अनुबंधित वेलकम होटल का निर्माण कार्य बरगी हिल्स के समीप जारी था। होटल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया था और शाम लगभग 4 बजे चौथे फ्लोर में स्थित किचन की गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग कार्य किया जा रहा था। होटल के ग्राउंड फ्लोर पर एलपीजी गैस प्लांट बना गया है। गैस पाइप लाइन की टेस्टिंग के लिए नाइट्रोजन गैस की सप्लाई पाइप लाइन में की गयी थी। इसके बाद पाइप लाइन में एलपीजी गैस की सप्लाई की गयी।
प्रारंभिक जांच में सप्लाई के दौरान गैस पाइप लाइन फटने तथा एलपीजी गैस की सप्लाई के दौरान किसी कर्मचारी द्वारा लाइटर जलाये जाने की बात सामने आई है। घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद होगी। ब्लास्ट के कारण चौथे फ्लोर क्षतिग्रस्त हो गया और धुंआ भरने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस विभाग, दमकल विभाग, एफएसएल, बम स्क्वॉड, एमडीआरएफ की टीम राहत व बचाव कार्य में लगे हुए है। मलबे को हटाने जाने का कार्य जारी है।
इस घटना में जागृति नामक महिला कर्मचारी की मौत हो गयी तथा भूपेंद्र कुमार, अनिल कुमार, अभिषेक सिंह, सोनम बावरिया, भूम सिंह, पुनीत सक्सेना सहित आठ व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गये है। घायलों को उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मुआवजा की घोषणा
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घटना में मृत कर्मचारी के परिजनों को चार लाख तथा घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक राहत प्रदान किये जाने की घोषणा की है।
कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने पर जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना,पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह सहित प्रशासन व पुलिस के अन्य अधिकारी ने घटना स्थल में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मेडिकल अस्पताल पहुंचकर घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात कर डॉक्टरों को उपचार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।