जबलपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विनय जैन की युगलपीठ ने मानव तस्करी के आरोप के प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया। युगलपीठ ने कटनी के पुलिस अधीक्षक व टीआई बरही को एफआईआर दर्ज प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण कर दिया।
कटनी जिले के ग्राम उबरा, विजयराघवगढ़ निवासी धन्नू कोल की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण में कहा गया कि उसका पुत्र शिव प्रसाद उर्फ लेद्दा को राजकुमार कबरा और मौजीलाल साहू मजदूरी कराने तेलंगाना ले गए थे। इस दौरान उसका बेटा लापता है, और उसके संबंध में कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। बेटे के लापता होने के संबंध में उसने पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उक्त याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि अनावेदकों ने मजदूरी के लिए उसके बेटे को बंधक बनाकर रखा हुआ है।
याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पुलिस द्वारा पेश किए गए जवाब में कहा गया था कि टीम को भेजकर तेलंगाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि बेटे को लेकर जाने वाले दोनों व्यक्तियों से अब तक कोई पूछताछ नहीं हुई है। दो वर्ष से उसका बेटे से संपर्क नहीं हो पाया है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने पुलिस को एफआईआर दर्ज आदेश जारी किए।