जबलपुर नगर निगम के अधिकारियों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इकाई जबलपुर द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम जबलपुर के अधिकारियों द्वारा कचरा परिवहन में आर्थिक अनियमितताएं करने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जांच की गई। इस दौरान 8 लाख से अधिक का अतिरिक्त भुगतान कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम जबलपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 08 में कराए गए कचरा परिवहन के लिए 14,70,228 रुपये का बिल विभाग में प्रस्तुत किया गया था। नोटशीट पर केवल 6,04,495 रुपये के भुगतान की अनुशंसा की गई थी। लेकिन, आरोपियों द्वारा अलग से एक टाइप की हुई नोटशीट प्रस्तुत कर 13,17,510 रुपये का भुगतान नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सफाई कामगार सहकारी समिति, रानीताल, जबलपुर को कर दिया गया। इस तरह 8,20,233 रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
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हस्ताक्षर निकले कूटरचित
टाइपशुदा नोटशीट पर केके दुबे के हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए। राज्य परीक्षक (प्रश्नास्पद प्रलेख), पुलिस मुख्यालय भोपाल से जांच करवाने पर हस्ताक्षर कूटरचित पाए गए। इसके बाद EOW ने आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 8,20,233 रुपये का अधिक भुगतान प्राप्त करने औरे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। मामले में EOW की ओर से विनोद श्रीवास्तव स्वास्थ्य अधिकारी, अनिल जैन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, हेमंत करसा अध्यक्ष, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सफाई कामगार सहकारी समिति को आरोपी बनाया गया है।
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