जबलपुर के कमिश्नर बी. चंद्रशेखर में शनिवार को एमपीईबी तरंग में आयोजित मध्यप्रदेश स्टेट टूरिज्म और अमेरिकन कंपनी स्कूलास्टिक के दो दिवसीय संयुक्त कार्यशाला का उद्घाटन किया। स्कूलास्टिक बच्चों के लिए किताबों की सबसे बड़ी पब्लिशिंग कंपनी है। कार्यशाला में देश के जाने-माने लेखक अपनी किताबों के स्टाल लगाए हैं, जिसमें लगभग 4500 किताबें हैं। शहर के डीपीएस, कंगारू किड्स, सत्यप्रकाश, सेंट जेवियर, एमएमआईएस समेत 40 स्कूलों के विद्यार्थी कार्यशाला में शामिल हुए।
इस दौरान कमिश्नर चंद्रशेखर ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके पढ़ाई व शैक्षणिक अभिरुचि के बारे में जानकारी ली। साथ ही विद्यार्थियों को उनकी इच्छा के अनुसार पढ़ने के साथ मन लगाकर पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित किया।
जबलपुर में पहली बार स्कूलास्टिक की कार्यशाला का आयोजन
गौरतलब है कि स्कूलास्टिक के 100 सालों के इतिहास में पहली बार जबलपुर में ऐसी कार्यशाला आयोजित की गई है। यह दो दिवसीय कार्यशाला 14 और 15 जनवरी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी। कार्यशाला में लेखक बच्चों को नई-नई शैक्षणिक तकनीक बताकर उनका हौसला बढ़ा कर रहे हैं। इसमें बच्चों के लिए हर क्षेत्र के विषय के साथ स्टोरीटेलिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, फिक्सन-नॉन फिक्सन, अभिव्यक्ति की कला, शैक्षिक पाठ्यक्रम सहित मूल्य आधारित शिक्षा आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है।
बच्चों की शिक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा
कार्यशाला में बच्चों की किताबों के जाने-माने लेखक आदित्य मुबायी, आरती सोंथलिया, प्रगति सुलेखा, ललिता अय्यर रोहिणी विज, स्वाति सेनगुप्ता, रचना सिंह, बेनिता सेन व अन्य भाग ले रहे हैं, जो बच्चों, अभिभावकों व शिक्षकों के अलग-अलग सत्र आयोजित कर नई तकनीकी के साथ बच्चों की शिक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।