नवरात्र भंडारे में शामिल एक दर्जन श्रद्धालुओं को नो एंट्री में घुसी बस ने रौंदा
सिहोरा थानान्तर्गत मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुए इस हादसे में यात्री बस ने स्टेडियम के पास गौरी तिराहा के समीप आयोजित भंडारे में शामिल एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इसी दौरान बस में फंसकर मोटर साइकिल सवार युवक लगभग 100 मीटर तक घसीटता हुआ चला गया। घटना में गंभीर रूप से घायल पांच व्यक्तियों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर रैफर किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवरात्र पर्व के कारण सिहोरा के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। बस क्रमांक 49 पी 0261 का चालक सिहोरा के अंदर जा रहा था। ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने तेज रफ्तार से बस भगा दी। चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए गौरी तिराहे के समीप स्टेडियम के पास आयोजित भंडारे में शामिल होने आए लगभग दर्जनभर श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए भागने का प्रयास किया।
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इस घटना में पांच व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रैफर किया गया है। शेष घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। पुलिस ने बस को जब्त करते हुए चालक को अभिरक्षा में लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर देर रात जिला कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह तथा पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
घायलों में रोली सोनी, ममता कोल, खुशबू वंशकार, वंदना वर्मन, संध्या चौधरी, शिखा चौधरी, कैलाश चौधरी, मनीष दाहिया, कोदू लाल बर्मन और सोहन लाल आदि शामिल हैं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ करते हुए चालक के साथ मारपीट की।
नो-एंट्री में घुसी बस के तांडव से लोगों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था। इस घटना से लोगों में आक्रोश व्याप्त था। उनका आरोप था कि नो-एंट्री में भारी वाहनों का सिर्फ कागजी प्रतिबंध है। पुलिसकर्मियों के तैनात होने के बावजूद भी बस नो-एंट्री में घुस गई, जबकि क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों तक को पुलिस प्रवेश नहीं करने देती है।