इंदौर में एक युवक की लापरवाही से मौत के मामले में तीन डॉक्टरों के खिलाफ लसूड़िया थाने में गैर इरादतन हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। एफआईआर होने से पहले लड़के के परिजन कई बार थाने के चक्कर काट चुके थे लेकिन केस दर्ज नहीं हो रहा था। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लाड़ली बहना योजना में आने पर परिजन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। यहां सांसद शंकर लालवानी से मिलकर सीएम तक बात पहुंचाई इसके बाद केस दर्ज हुआ। डीसीपी अभिषेक आनंद का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तीन डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। तीनों डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाने के बाद दम तोड़ा
29 मई को अमित पिता रिंकू जैन (17) अपनी बाइक से मांगलिया की ओर जा रहा था। तभी रास्ते में खड़े वाहन से टकराने के बाद अमित के पैर में चोट लग गई थी। इसके बाद उसे नजदीक के राज्यश्री नर्सिंग होम ले जाया गया था। यहां पर डॉक्टरों ने उस बेहोश करने के लिए एनेस्थीसिया इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगाने के बाद ही अमित की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर पिता रिंकू जैन द्वारा कलेक्टर ऑफिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पिता ने कलेक्टर से भी लगाई थी गुहार
इस पूरे मामले में मृतक के पिता ने कलेक्टर से यह गुहार लगाई थी कि लापरवाही से उनके बच्चे की मौत हुई है। इसके बाद पुलिस द्वारा जांच करने पर यह पाया गया था कि इसमें अस्पताल की लापरवाही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को सील कर दिया गया था। पिता द्वारा इंदौर पुलिस के अधिकारियों से यह गुहार लगाई गई थी की लापरवाही के लिए जो डॉक्टर दोषी है। उन पर भी गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए। पुलिस द्वारा डॉ. देवेंद्र भार्गव, डॉ. कुश बंडी और डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है।