लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानूसन इंदौर पर मेहरबान हो गया। शहर में काले बादल छाए हैं। धूप गायब है। बारिश का भी झमाझम वाला दौर अभी शुरू नहीं हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि सात दिन तक शहर में तेज और मध्यम बारिश होगी। इसके बाद धूप निकलेगी।
मानसून ने पूरे प्रदेश में एक साथ दस्तक दी। रविवार को इंदौर मेें मानसून के आगमन की घोषणा हो गई। केरल मेें आठ दिन देेरी से मानसून के आगमन के कारण इंदौर में भी 25 जून को मानसून पहुंचा। आमतौर पर इंदौर में 13 से 16 जून के बीच उसकी आमद हो जाती है। वर्ष 2020 में भी मानसून 25 जून को आया था।
मौसम वैज्ञानिक ममता यादव के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह मेें तेज और मध्यम बारिश होगी। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सिस्टम बना है और राजस्थान के चक्रवात के कारण मालवा के कई क्षेत्रों मेें अच्छी बारिश होगी। सप्ताहभर बाद इंंदौर में मौसम खुलेगा। जून माह में अब तक 3.2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि जून मेें औसत चार इंच बारिश होती है। कृषि विभाग के संयुक्त संचालक एसएस राजपूत ने बताया कि बोवनी किसानों नेे शुरू कर दी है। बारिश से इस बार बेहतर फसल किसानों को मिलेगी।
9 साल पहले 10 जुलाई को इंदौर पहुंचा था मानसून
मानसून इस साल से पहले भी इंदौर में देरी से आया। 9 साल पहले 2014 में 10 जुलाई को मानसून इंदौर पहुंचा था, जबकि वर्ष 2013 में भी जुलाई सप्ताह में मानसून इंदौर आया था। 2023 में भी मानसून में देरी हुई थी। इंदौर में अमूमन 13 से 15 जून तक मानसून आ जाता है।
सामान्य से पांच डिग्री कम रहा तापमान
मानसून की आमद ने मौसम में भी ठंडक घोल दी। रविवार दिन का तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री कम था, जबकि रविवार रात का तापमान 23.2 डिग्री था। अब लगातर इस तरह का मौसम बना रहेगा।