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Ram Mandir: मुगलों ने चोटियां काटी, जनेऊ काटे, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले मैं सुनाऊंगा 500 साल की कहानियां

Sun, 07 Jan 2024 04:24 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

राम मंदिर के 22 जनवरी के आयोजन से पूर्व कैलाश विजयवर्गीय सोशल मीडिया पर 500 साल की कहानियों के वीडियो जारी करेंगे 
 
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कैलाश विजयवर्गीय - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या Ram Mandir Ayodhya में 70 एकड़ भूमि पर बने भव्य राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। अयोध्या के अलावा भी पूरे देश के कोने-कोने में हर्षोल्लास देखने को मिल रहा है। इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम दौर में है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हफ्ते भर चलेगा। इस तारीख का सभी को बेसब्री से इंतजार है। लगातार भक्तों में मंदिर के उद्घाटन की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। देशभर में भी राम मंदिर से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। इंदौर में भी आव्हान किया जा रहा है कि 22 जनवरी से पहले ही घर घर दीपक जलाएं और आतिशबाजी करें। अब मप्र के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय kailash vijayvargiya ने एक जानकारी दी है। वे राम मंदिर के संघर्ष से जुड़ी 500 साल की प्रमुख घटनाएं वीडियो के माध्यम से सुनाएंगे। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। वीडियो पोस्ट करके विजयवर्गीय कह रहे हैं कि 500 वर्ष के संघर्ष के बाद भगवान राम अपने भवन में जाएंगे। इसके लिए अनेक संघर्ष हुए। 
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मुगलों ने जिस तरह से हमारे संस्कार, संस्कृति पर हमला किया। जनेऊ काटी, चोटियां काटी। मंदिर तोड़े, मंदिर को लूट कर ले गए। एक लंबा इतिहास है। यह संघर्ष सामान्य संघर्ष नहीं है। 10-20, 50 साल का संघर्ष नहीं है। अनेक राजाओं ने अपने प्राणों की आहुतियां दी। मुगलों से लड़कर राम मंदिर की रक्षा के लिए। विजय हमें 500 साल बाद मिली। 22 तारीख को उत्सव हमें मनाना है लेकिन इसके इतिहास की जानकारी भी हमें रखना है। मैं कोशिश करूंगा की वीडियो के माध्यम से 500 वर्ष की प्रमुख घटनाएं आप तक पहुंचे।

इंदौर में कई आयोजन होंगे
इंदौर में सेवा भारती 350 बस्तियों में आव्हान कर रहा है कि राम मंदिर के कार्यक्रम से पहले लोग बस्तियों में विभिन्न तरह के आयोजन करें। सेवा भारती के अलावा कई संस्थाएं घर घर दस्तक देकर लोगों को इसे त्योहार के रूप में मनाने के लिए जागृत कर रही हैं। 
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