काशी से डिब्रूगढ़ तक के सफर पर निकला गंगा विलास क्रूज इन दिनों चर्चा में है। इस क्रूज को बनाने वाली कंपनी अंतरा लग्जरी रिवज क्रूज अब मध्यप्रदेश में भी निवेश की तैयारी में है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही तवा डैम से मढ़ई तक क्रूज शुरू हो जाएगा। इसके लिए कंपनी के सीईओ राज सिंह और मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के बीच बातचीत चल रही है।
अंतरा लग्जरी रिवर क्रूज कंपनी के सीईओ ने पिछले महीने पर्यटन विकास निगम के अपर प्रबंध संचालक विवेक श्रोत्रीय के साथ तवा डैम से मढ़ई तक छोटी बोट पर भ्रमण किया। यहां जंगल और टाइगर रिजर्व होने से जमीन मिलने की दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन विकास निगम ने वन विभाग की जमीन के डायवर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अफसरों का कहना है कि कंपनी ने सरकार को क्रूज चलाने का प्रस्ताव दिया है। जल्दी ही इस पर काम शुरू होगा।
पहले चरण में 23 करोड़ रुपये का निवेश
इको टूरिज्म विभाग की जमीन पर टर्मिनल
क्रूज सफारी एक नया कंसेप्ट
यह जलाशय सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पश्चिम सीमा भी है। क्रूज के सफर के दौरान भी यात्रियों को नदी किनारे वन्य प्राणी नजर आ सकते हैं। इसे क्रूज सफारी भी कहा जा रहा है। यात्री बर्ड वॉचिंग भी कर सकेंगे। यात्रियों को स्टे क्रूज में ही करना होगा। सतपूडा के जंगलों में बाघ, तेंदुए, नीलगाय, हिरण, सहित अन्य वन्यप्राणियों की साइटिंग हो सकती है।
वॉटर स्पोर्ट्स की एक्टिविटी भी होगी
नौ क्रूज है कंपनी के पास
अंतरा लग्जरी रिवर क्रूज कंपनी के सीईओ राज सिंह पिछले 15 साल से इस बिजनेस में है। उनकी कंपनी अब तक नौ क्रूज बना चुकी है। राज सिंह खुद एक लेखक होने के साथ ही जंगल सफारी के शौकीन हैं। उनकी कंपनी का बना दुनिया का सबसे बड़ा रिवर क्रूज साढ़े तीन हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकला है। यह यात्रा छह माह में पूरी होगी। क्रूज भारत और बांग्लादेश के पांच राज्यों से गुजरेगा और पचास से ज्यादा पर्यटन स्थलों पर जाएगा।