सांप का नाम लेते ही या उसे देखते ही जहां लोगों में दहशत फैल जाती है वहीं, इंदौर के एक दंपती को इनसे कोई भय नहीं लगता। एबी रोड स्थित पंचवटी कॉलोनी में रहने वाले जगदीप पटेल और उनकी पत्नी सुषमा पटेल अब तक 2000 से ज्यादा सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। जगदीप ने 1068 और सुषमा पटेल 986 सांपों को पकड़ा है।
पटेल दंपती ने बताया कि वे 2007 पंचवटी कॉलोनी में रह रहे हैं। उस वक्त आसपास खेतों की भूमि थी, उसमें चूहे अधिक थे। सांप इनके शिकार के लिए निकलते और शिकार करते रहते थे। पर्यावरण प्रेमी और उनसे जुडी संस्थाएं लगातार इस बात की चेतावनी देते रहती हैं कि नगरों का तेजी से होता विकास और नगरों से जुड़े गांवों की भूमि शहर अपने में समाहित करते जा रहे हैं। अब बड़े नगरों के पास के गांव भी शहर हो गए हैं। हम यदि इंदौर की बात करें तो क्षेत्रफल और जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
खुली भूमि से सांप निकलते हैं
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में तलावली चांदा और आसपास रहे खेतों से कई लोग वाकिफ हैं, पर अब यहां खेत नहीं रहे, बल्कि कॉलोनियां विकसित हो गई हैं। जब कॉलोनियों में मकान कम और खुली भूमि अधिक हो तो सांप निकलते रहते हैं। पंचवटी और आसपास बसी कई कॉलोनियों में पटेल दंपती को हर कोई सांप पकड़ने वालों के रूप में पहचानता है। इलेक्ट्रिक कंसल्टेंसी के व्यवसायी जगदीप पटेल और उनकी पत्नी सुषमा पटेल जो मूलतः गृहणी हैं पर खतरनाक से भी खतरनाक जहरीले सांपों को पकड़ लेते हैं और उसे सुरक्षित किसी स्थान पर बस्ती से दूर छोड़ आते हैं।
कैसा लगा यह शौक
पटेल दंपती ने बताया कि वे 2007 से यहां रह रहे हैं। उस वक्त घर के आसपास बड़ी-बड़ी घांस लगी थी। हमारी दो पहिया वाहन पर कई बार सांप आकर बैठ जाते थे। तब हमने सोचा क्या किया जाए इनका? हम विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर सांप से जुड़ी जानकारियां और उन्हें पकड़ने के तौर-तरीकों के बारे में खोजते रहे और जहां से हमें जानकारी मिलती हम सांपों से जुड़ी हर जानकारी से अपडेट होते रहे।
जब हमारी गाड़ियों पर सांप बैठ जाते तो हमने एक बोरी खुले मुंह की उनके पास रख दी, जिससे वह उसमें प्रवेश कर गया और यह आइडिया हमें उचित लगा। फिर हम सांप पकड़ने की स्टिक ले आए, उससे सांप को हल्के से दबाना होता है, उसे बोरी की ओर मोड़ देते थे, जिससे वह उसमें प्रवेश कर जाता है। इस कार्य को बड़ी फुर्ति से करना होता है, नहीं तो सांप स्टिक पर हमला करने के बजाय वह हमारे हाथ या शरीर पर हमला करने में देर नहीं करता है। सांप हमेशा शरीर की गर्मी देख हमला करता है।
अब तक कौन से सांप पकड़े
पंचवटी और आसपास के क्षेत्र में कोबरा, क्रेट और रसलवाइपर पाए जाते हैं, ये तीनों ही काफी जहरीले सांप होते हैं। इसमें रसलवाइपर सर्वाधिक जहरीला होता है और इस क्षेत्र में यह पाया जाता है। पटेल दंपती इसे भी आसानी से पकड़ लेते हैं। इन सांपों को ये रालामंडल या अन्य स्थान पर सुरक्षित छोड़ भी आते हैं। पटेल दंपती का कहना है कि हम जीव दया और पर्यावरण प्रेमी भी हैं, जब कोई इन्हें बुलाता है और ये घर पर उपलब्ध हों तो पहले सांप पकड़ने के लिए तत्काल चले जाते हैं, जो सांप सपेरे नहीं पकड़ पाते, उसे ये सरलता से पकड़ लेते हैं।
कोई मंत्र नहीं, सिर्फ फूर्ति आती है काम
पटेल दंपती बताते हैं कि सांप को सुरक्षित पकड़ने का कोई मंत्र नहीं होता, बल्कि तकनीक और फूर्ति का होना जरूरी है। कोरोना के वक्त भी पटेल दंपती ने यह कार्य काफी किया और वे इस कार्य को निशुल्क करते हैं। आसपास के क्षेत्र में रात्रि में दो बजे भी कोई बुलाता है तो ये सहज मदद करने के लिए तैयार रहते हैं।
लोग दंपती को लेने आते हैं
प्रचार-प्रसार से दूर रहने वाले पटेल दंपती को दूर-दूर से लोग जब घरों में सांप प्रवेश कर जाते हैं तो इन्हें लेने आते हैं। जगदीप और सुषमा पटेल को इस कार्य में ख़ुशी होती है। वे कहते हैं कि हम तीन लोगों को सुरक्षित बचाते हैं एक सांप, वह जहां घुसा वह परिवार और आसपास के लोग।