मध्य प्रदेश में भाजपा ने पांच लोकसभा सीटों के टिकट होल्ड पर रखे हैं। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि इन सीटों के टिकट बदल सकते हैं। विधानसभा चुनाव में भी पहले चरण में जिन सीटों पर टिकट घोषित नहीं किए गए थे वहां नए चेहरों को मौका दिया गया था। यही पैटर्न लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। इन पांच सीटों पर नए नाम भी चल रहे हैं।
इंदौर लोकसभा सीट Indore Loksabha
इंदौर से किसी महिला उम्मीदवार को टिकट देने की संभावना भी जताई जा रही थी लेकिन झाबुआ-रतलाम लोकसभा सीट से अनिता चौहान को उम्मीदवार बनाया गया है। इस स्थिति में इंदौर लोकसभा सीट पर किसी महिला नेत्री को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना कम हो गई है। वैसे वर्तमान सांसद शंकर लालवानी पूरी ताकत से दोबारा उम्मीदवारी के लिए जोर लगा रहे हैं लेकिन इंदौर सीट का टिकट होल्ड पर रखे जाने से बदलाव के संकेत संगठन ने दिए हैं।
वर्तमान सांसद - शंकर लालवानी, भाजपा
हराया - पंकज संघवी
कितने अंतर से - 547754
इनके चल रहे नाम - डा निशात खरे और जीतू जिराती
उज्जैन लोकसभा सीट Ujjain loksabha
मप्र की धर्मधानी कही जाने वाली महाकाल की नगरी उज्जैन काफी महत्वपूर्ण सीट है। उज्जैन में अब तक के हुए आम चुनावों के नतीजों में जनता ने भाजपा पर सबसे अधिक बार भरोसा जताया है। भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इस सीट पर सत्यनारायण जटिया ने रिकॉर्ड सात बार चुनाव जीता है। उज्जैन लोकसभा सीट में शुरुआती दौर में कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाई लेकिन उसके बाद वह साल दर साल कमजोर होती गई। उज्जैन लोकसभा सीट से 8 बार भाजपा, 4 बार कांग्रेस, 2 बार जनसंघ और 1-1 बार जनता पार्टी और भारतीय लोक दल ने जीत दर्ज की। वर्तमान में भाजपा के अनिल फिरोजिया यहां से सांसद हैं। मध्य प्रदेश की उज्जैन लोकसभा सीट पर साल 2019 के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी अनिल फिरोजिया ने जीत हासिल की थी। चुनाव के नतीजों में भाजपा ने कुल 7 लाख 91 हजार 663 वोट हासिल किए थे। वहीं, कांग्रेस पार्टी 4 लाख 26 हजार 26 वोट ही हासिल कर सकी।
वर्तमान सांसद - अनिल फिरोजिया, भाजपा
हराया - बाबूलाल मालवीय, कांग्रेस
कितने अंतर से - 3,65,637
इनके भी नाम चल रहे - सुरेश गिरी और प्रभुलाल जाटवा
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट Chhindwara loksabha
कांग्रेस की लिस्ट आने से पहले ही छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ ने खुद को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस बार भाजपा का मिशन है राज्य की सभी 29 सीटें जीतना। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी केवल छिंदवाड़ा सीट ही हार गई थी। इस बार छिंदवाड़ा को लेकर पार्टी ने खास रणनीति तैयार की है। माना जा रहा है कि भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ में किसी बड़े नेता को चुनाव मैदान में उतार सकती है।
वर्तमान सांसद - नकुलनाथ, कांग्रेस
हराया - नथन शाह, भाजपा
कितने अंतर से - 37536
इनके नाम चल रहे - नथन शाह, डा गगन कोल्हे और फग्गन सिंह कुलस्ते
बालाघाट लोकसभा सीट Balaghat Loksabha
भाजपा के डा. ढाल सिंह बिसेन अभी यहां से सांसद हैं। हालांकि बालाघाट लोकसभा सीट पर अधिकतर लोग वैभव पवार और रमेश भटेरे को समर्थन दे रहे हैं जबकि मौजूदा सांसद ढाल सिंह बिसेन का नाम बहुत कम चल रहा है। प्रदेश और केंद्र में कई मंत्रालयों का दायित्व संभालने वाले प्रहलाद सिंह पटेल के राजनीतिक जीवन में भी बालाघाट का खास स्थान है। माना जा रहा है कि उन्हें भी टिकट मिल सकता है। बालाघाट में लोधी समाज का भी अच्छा प्रभुत्व है और प्रहलाद पटेल के इसी जाति से होने का लाभ लेने के लिए वर्ष 1999 में भाजपा ने बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र से उन्हें मैदान में उतारा। प्रहलाद सिंह पटेल ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और खुद का राजनीतिक वजन साबित भी किया।
वर्तमान सांसद - ढाल सिंह बिसेन, भाजपा
हराया - मधु भगत, कांग्रेस
कितने अंतर से - 2,42,066
इनके नाम चल रहे - प्रहलाद सिंह पटेल, वैभव पवार और रमेश भटेरे
धार लोकसभा सीट Dhar Loksabha
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यह सीट 1.56 लाख वोट से जीती थी। चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को सबसे बड़ी लीड धार विधानसभा से 71482 वोट की मिली थी। विधानसभा 2023 के चुनाव में धार सीट पर बीजेपी ने 9694 वोट से जीत हासिल की, हालांकि मुकाबले में बीजेपी कांग्रेस के बागी प्रत्याशी भी थे। इस कारण वोट बंट गया। अब संसदीय क्षेत्र में बीजेपी की लीड जीरो हो गई है और कांग्रेस यहां 35 हजार 377 वोट की लीड में है। कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण है तो बीजेपी इससे सबक लेकर खुद को मजबूत कर सकती है। महू, बदनावर और धार विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी सीट रिजर्व (आदिवासी) है। महू सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबला था। इस तरह लोकसभा चुनाव में ये वाले आदिवासी बेल्ट में भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिलेगा।
वर्तमान सांसद - छतर सिंह दरबार, भाजपा
हराया - गिरवाल दिनेश, कांग्रेस
कितने अंतर से - 156029
इनके भी चल रहे नाम - रंजना बघेल और सावित्री ठाकुर