इंदौर में आयोजित जी 20 समिट के आखिरी दिन सभी देशों ने दुनिया की बेहतरी के लिए एक साथ काम करने पर सहमति जताई। सभी ने कहा कि दुनिया आज कई तरह के संकटों से जूझ रही है और हम सभी को एक साथ मिलकर ही काम करना होगा।
बुधवार को अंतिम दिन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव मनोज आहूजा ने पत्रकारों से चर्चा में तीनों दिन का सार बताया। आहूजा ने कहा कि इस मंथन में सबसे प्रमुख बात यह निकली की साल 2018 के बाद से दुनिया में खाद्य संकट तेजी से बढ़ा है। इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन हल हम सबको मिलकर ही निकालना होगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में कृषि का प्रमुख केंद्र रहा है इसलिए यहां से निकले विचार पूरी दुनिया को नई दिशा दे सकते हैं।
भविष्य में इन चार बिंदुओं पर फोकस रहेगा
1. डिजिटल कृषि : हमें नई तकनीकों के माध्यम से खेती को बेहतर बनाना है। इसमें नवाचार का स्वागत करना है और उन्हें प्रमोट भी करना है। किसानों को देश में डिजिटल कृषि से जोड़ेंगे। उनके क्षेत्र में होने वाले मौसमों के बदलावों को तुरंत उन तक पहुंचाएंगे। खरीदी बिक्री, फायदे नुकसान से जुड़ी हर बात उन्हें तुरंत मोबाइल पर मिलेगी।
2. रिसर्च : देश में अलग अलग क्षेत्र और मौसम हैं। हर जगह के हिसाब से अलग पैदावार होती है। सरकार रिसर्च के माध्यम से इसे बढ़़ाने पर काम कर रही है। यह रिसर्च क्षेत्रवार की जा रही है। इस पर भी काम किया जा रहा है कि मौसम में बदलाव, हीट वेव, बारिश से होने वाले नुकसान को कैसे कम किया जा सकता है।
3. किसान को अधिकतम लाभ: पूरा प्रयास किया जा रहा है कि किसान को अधिकतम लाभ मिले। सरकार ऐसे सिस्टम बना रही है जिनका असर कुछ समय में दिखने लगेगा।
4. फूड सिक्योरिटी : भारत के हर नागरिक को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिले। आने वाले साल में सरकारी की यही प्राथमिकता है।
कोविड में 80 करोड़ को भोजन दिया
आहूजा ने कहा कि भारत ने कोविड के समय 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की। इसके साथ भारत में नियमित रूप से आंगनबाडिय़ों में 12 करोड़ बच्चों और महिलाओं को भोजन दिया जाता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ विवाद
आहूजा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमकर विवाद भी हुआ। उन्होंने अपनी बात रखने के बाद कहा कि वे चुनिंदा सवाल ही ले पाएंगे क्योंकि उन्हें जल्दी जाना है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। बाद में अधिकारियों ने सबको शांत करवाया।