अगस्त का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन इंदौर में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। पिछले साल इस समय तक सवा इंच बारिश हो चुकी थी, जबकि इस बार ढाई इंच से थोड़ी अधिक बारिश हुई है। फिर भी, इस बार की बारिश को पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। इस सीजन में अब तक कुल 17 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले साल के 23.3 इंच की तुलना में 6 इंच कम है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 19 अगस्त के बाद मौसम में बदलाव आ सकता है और इंदौर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है।
इस साल जून में 4 इंच और जुलाई में 10 इंच बारिश हुई थी। जुलाई की बारिश से किसानों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन अगस्त में अगर बारिश नहीं हुई तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है। अगस्त माह में सामान्य तौर पर 13 इंच बारिश होती है। दरअसल, इस साल प्रदेश के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन इंदौर संभाग में बारिश की कमी रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नॉर्थ-वेस्ट राजस्थान में एक चक्रवाती तंत्र सक्रिय है, जिसकी वजह से प्रदेश में बारिश का पैटर्न प्रभावित हो रहा है। अगर अगस्त के बचे हुए दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इंदौर में पानी की समस्या हो सकती है और किसानों की फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए, आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद की जा रही है।
तालाबों का जलस्तर भी कम
शहर के तालाबों का जल स्तर भी बहुत बेहतर नहीं हैं। यशवंत सागर में अभी 17 फीट, बड़ा बिलावली में 23 फीट, बड़ा सिरपुर में 12 फीट, छोटा सिरपुर में 14 फीट, पीपल्यापाला में 7 फीट पानी है। उम्मीद की जा रही है कि अगस्त के अंत तक इनमें भी अच्छा पानी आ जाएगा।
19 अगस्त से तेज बारिश की संभावना
वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश में तीन मौसम प्रणाली सक्रिय होने के कारण कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने नीमच और मंदसौर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं भोपाल और इंदौर में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 19 अगस्त से प्रदेश में एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इसका असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर में ज्यादा रहेगा। हालांकि, पश्चिमी हिस्से में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
प्रदेश में कई जगह बाढ़ के हालात
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। इसके साथ ही दो अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं। इन तीनों के मिलने से ही प्रदेश में बारिश हो रही है। अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधि में थोड़ी कमी आ सकती है लेकिन इसके बाद फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी जिले के कोलारस में सिंध नदी उफान पर आ गई थी। जिससे करीब आठ लोग फंस गए थे। जिन्हें बाद में एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बचाया। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
पिछले 10 साल में अगस्त माह की स्थिति
वर्ष कुल बारिश
2014 7.6 इंच
2015 17 इंच
2016 12.2 इंच
2017 8.6 इंच
2018 9.8 इंच
2019 12.7 इंच
2020 23.7 इंच
2021 6.1 इंच
2022 17 इंच
2023 2.7 इंच