इंदौर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद भी अपराधों में कमी नहीं आई है। 12 दिन में दूसरी बड़ी डकैती को अंजाम दिया गया और पुलिस के सारे प्रयास नाकाम साबित हुए। शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे लंदन विला में रहने वाले इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के डिपो मैनेजर के बंगले को डकैतों ने निशाना बनाया। चार-पांच नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर बंगले में घुसे। सो रहे लोगों के साथ मारपीट की। उनके हाथ-पैर बांधे और फिर इत्मीनान से डकैती को अंजाम दिया। लौटते समय वह कार भी अपने साथ ले गए। लाखों रुपये का सामान वे अपने साथ ले गए हैं।
बाणगंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लंदन विला में इंडियन ऑयल के डिपो मैनेजर पुष्पेंद्र अग्रवाल अपने परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे के करीब चार-पांच नकाबपोश घर में घुस आए। उनकी हलचल से डिपो मैनेजर पुष्पेंद्र अग्रवाल की नींद खुल गई। तब बदमाशों ने चाकू अड़ाया और सोने की चेन और अंगूठी निकाल ली। इस बीच, पुष्पेंद्र के दो बेटे जाग गए तो उनके भी हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद डकैतों ने बेखौफ होकर इत्मीनान से पूरा घर खंगाला और कीमती सामान समेटा। लौटते समय पुष्पेंद्र से बंगले के बाहर खड़ी होंडा सिटी कार की चाबी मांगी और उसमें ही सवार होकर भाग निकले। चोर एक महंगा कैमरा भी साथ ले गए हैं।
रस्सियों से बांध दिया था
पटवारी ने साधा मुख्यमंत्री पर निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डकैती को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इंदौर में शुक्रवार तड़के बड़ी डकैती हो गई। दस दिन में यह दूसरी बड़ी वारदात है। मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, पुराने मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) तो इंदौर को सपनों का शहर कहते थे। आपको इंदौर कैसा लगता है? हो सकता है आप गृहमंत्री के रूप में भूल रहे हों इसलिए याद दिला रहा हूं, वहां इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली भाजपा सरकार ने ही शुरू की थी। भारी फौज तैनात की लेकिन हालात आपके सामने हैं। पॉश इलाके भी सुरक्षित नहीं।
मोबाइल छीनकर कहा- काॅलोनी में फेंक जाएंगे, काॅल लगाकर खोज लेना
डकैतों ने पुष्पेंद्र और उनकी पत्नी आकांक्षा के मोबाइल फोन छीन लिए थे। उनसे कहा कि काॅलोनी के बाहर मोबाइल फेंक जाएंगे। हमारे जाने के बाद किसी से फोन मांग कर काॅल लगा लेना। तुम्हारे फोन मिल जाएंगे।
एक युवक बाहर से कर रहा था निगरानी
कुल पांच लोग डकैती के लिए आए थे। चार बदमाश भीतर थे, तो एक बदमाश बाहर खड़ा था। उसने चौकीदार को आते देखा तो पेड़ के पीछे छिप गया। उसने भीतर खड़े बदमाशों को काॅल लगाकर कहा कि बाहर चौकीदार घूम रहा है। भीतर ज्यादा शोर मत करना। किसी को शक न हो, इसलिए कमरों की लाइट भी नहीं जलाई। वे अपने साथ टॉर्च लेकर आए थे।
तल मंजिल पर कुछ नहीं मिला तो डिपो मैनेजर को जगाया
बदमाश दरवाजे का ताला तोड़कर घुसे थे। पहले उन्होंने तल मंजिल के हाॅल, कमरे में कीमती सामान खोजा, लेकिन उन्हें नहीं मिला। इसके बाद वे पहली मंजिल पर पहुंचे और कमरे में सो रहे पुष्पेंद्र और उनकी पत्नी को जगाकर पूछा कि जेवर और नकदी कहां रखे हैं। दोनों ने जो जेवर पहने थे, उसे भी बदमाशों ने उतरवा लिया।
डीसीपी पंकज पांडे ने बताया कि डकैतों जो कार लेकर भागे थे,वह राजगढ़ से मिली है। चार बदमाश बंगले में घुसे थे। एक बदमाश बाहर खड़ा था। सीसीटीवी फुटेज के हुलिए के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि पहले की घटनाएं भी इन बदमाशों ने अंजाम तो नहीं दी।