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Indore News: आपके बच्चों की सुरक्षा का सवाल! इंदौर पुलिस ने स्कूल बसों को दिए ये 8 कड़े निर्देश

Fri, 07 Nov 2025 08:58 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: बसों में जीपीएस, सीसीटीवी और 40 किमी/घंटा की गति सीमा अनिवार्य करने के साथ ही ड्राइवरों के वेरिफिकेशन और स्वास्थ्य जांच पर भी जोर दिया गया है।
 
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अधिकारियों के साथ बैठक - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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शहर में स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने स्कूल प्रशासकों और बस ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, बसों के सुरक्षित संचालन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई।
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सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा, "स्कूल के बच्चों और लोगों की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।" उन्होंने सभी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया, ताकि बसों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना से बचाव के लिए ये दिशा-निर्देश दिए।

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बैठक में जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देश
पुलिस कमिश्नर ने स्कूल बसों के लिए निम्नलिखित मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करने को कहा:

GPS और CCTV: सभी स्कूल अपनी बसों में नियमों के अनुसार जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं।
गति सीमा: बसों में स्पीड गवर्नर सिस्टम लगवाया जाए और उनकी गति सीमा 40 किमी/घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आपातकालीन उपकरण: बसों में किसी भी आपात स्थिति के लिए अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य जरूरी सामान आवश्यक रूप से मौजूद हों।
इमरजेंसी गेट: बसों में एक इमरजेंसी गेट की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
फिटनेस: बसों की फिटनेस और निर्धारित मानकों की लगातार मॉनिटरिंग हो। किसी भी हालत में खराब वाहनों का संचालन न किया जाए।
ड्राइवर का लाइसेंस: ड्राइवरों के पास वैध और भारी वाहन चलाने के लिए उपयुक्त लाइसेंस होना चाहिए, जिसकी वैधता की भी जांच की जाए।
ड्राइवर का स्वास्थ्य और प्रशिक्षण: ड्राइवरों की शारीरिक स्थिति (विशेषकर आंखों की जांच) की समय-समय पर जांच हो और उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाए।
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पुलिस वेरिफिकेशन: यह सुनिश्चित किया जाए कि चालक और परिचालक आपराधिक पृष्ठभूमि के न हों। इसके लिए उनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाए। वे नशा करके वाहन तो नहीं चलाते, इसकी भी निगरानी की जाए।

शपथ पत्र लिया, अभियान चलाएगी पुलिस
पुलिस कमिश्नर ने सभी संबंधितों से इन निर्देशों का जिम्मेदारी पूर्वक पालन करने और सहयोग करने की अपेक्षा की है। बैठक के दौरान यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा तैयार की गई एक चेक लिस्ट भी सभी को दी गई, जिसमें संचालकों और चालक-परिचालकों के लिए सामान्य निर्देश हैं। इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी से एक शपथ पत्र भी लिया गया है। यातायात पुलिस जल्द ही अभियान चलाकर स्कूल बसों के सुरक्षित परिचालन के संबंध में जागरूकता फैलाएगी और कार्रवाई भी करेगी। बैठक में मौजूद स्कूलों के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों व प्रशासकों ने भी अपनी बात रखी और उक्त निर्देशों के पालन में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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