फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: एक कमरे में चार कर्मचारियों के काम करने की अनुमति, अग्रवाल 20-25 कर्मचारियों से लेता था काम

Fri, 09 Feb 2024 07:41 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

हरदा फैक्ट्री हादसे मेें 12 लोगों की मौत हो चुकी है और चार श्रमिक लापता है। खरगोन से दो परिवारों के लोग हरदा पहुंचे। उनका कहना है कि उनके परिजन फैक्ट्री में काम करते है, लेकिन हादसे के बाद से उनकी कोई खबर नहीं है।
विज्ञापन
फैक्ट्री में एक ही जगह होता था निर्माण और स्टोरेज। - फोटो : amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरदा की पटाखा फैक्ट्री में राजेश अग्रवाल नियम कायदों के हिसाब से काम होता तो इतना बड़ा हादसा होता ही नहीं, लेकिन अग्रवाल की फैक्ट्री में जांच के नाम पर अफसर पर्दा डालते रहे। जिन चार लाइसेंस पर अग्रवाल काम कर रहा था।

विज्ञापन


उसमें विस्फोटक अधिनियम के तहत एक कक्ष में चार कर्मचारियों के काम की अनुमति थी,लेकिन अग्रवाल एक कमरे में महिलाएं व बच्चें से बारूद में सुतली लपेटने, बत्ती लगाने का काम कराता था। पटाखा फैक्ट्री में हादसा हमेशा केमिकल कक्ष में होता है। इसलिए इस कक्ष में माउंट वाॅल(ऊंची दीवार) बनाना अनिर्वाय है और केमिकल कक्ष के पास गोदाम नहीं हो सकता, लेकिन अग्रवाल के कारखाने में सब एक जगह ही काम हो रहा था।

लापता श्रमिकों के परिजन पहुंचे हरदा

हरदा फैक्ट्री हादसे मेें 12 लोगों की मौत हो चुकी है और चार श्रमिक लापता है, मलबे में से बचाव दल को कोई शव नहीं मिला। खरगोन से दो परिवारों के लोग हरदा पहुंचे। उनका कहना है कि उनके परिजन फैक्ट्री में काम करते है, लेकिन हादसे के बाद से उनकी कोई खबर नहीं है। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे है। अफसरों ने उन्हें समझाकर वापस खरगोन लौटा दिया। उन्हें कहा गया है कि जैसे ही जानकारी मिलेगी, उन्हें खबर कर दी जाएगी।

इन नियमों को फैक्ट्री में उड़ाई धज्जियां

- पटाखा फैक्ट्री के एक हजार मीटर दूर बसाहट होना चाहिए,लेकिन अग्रवाल की फैक्ट्री के 150 मीटर के दायरे में मकान बने हुए थे।

- फैक्ट्री की निर्माण यूनिट तल मंजिल पर होना चाहिए, लेकिन तीन मंजिला बिल्डिंग मेें पटाखे बन रहे थे।

- फैक्ट्री के आसपास चारों तरफ दमकलों के गुजरने के लिए पर्याप्त स्पेस होना चाहिए, लेकिन विस्फोट के बाद दमकले सिर्फ एक तरफ ही सड़क से जा पाई थी।

 

 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें